बांका में देवघर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर आज शनिवार की सुबह जिलेबिया मोड़ के पास एक तेज रफ्तार कार और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत में तीन लोगों की मौत है गई। मृतकों में दो भाई सगे व एक उनका चचेरा भाई शामिल हैं। हादसा इतना भयानक था कि जहां कार टक्कर के बाद करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरी, वहीं बाइक के परखच्चे उड़ गए। कार सवार एक ही परिवार के लोग सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर दर्शन के लिए जा रहे थे। कार सवार चार लोगों की हालत गंभीर बताई जाती है और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया है। हादसा बांका के देवघर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर आज सुबह जिलेबिया मोड़ थाना क्षेत्र के जिलेबिया मोड़ से सटे बिज्जीखैरवा गांव के समीप हुआ। जान गंवाने वाले तीनों बाइक सवार युवक बांका जिले के फुल्लीडूमर थाना क्षेत्र के बनरझोंप गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान रूपेश कुमार (28), सुरेन सह (46) और बालेश्वर साह उर्फ गुलो साह (59) के रूप में हुई है।
हादसा इतना वीभत्स था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और उसका पहिया और इंजन अलग-अलग दिशाओं में जा गिरे। इस दुर्घटना में कार सवार परिवार के कई सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए, जो सुल्तानगंज से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन हेतु देवघर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार और बाइक दोनों की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में बबरझोप निवासी सुरेंद्र साह, रुपेश साह और बालेश्वर शाह तीनों आपस में सगे और चचेरे भाई थे। जानकारी के अनुसार झारखंड के गढ़वा जिला स्थित नगमा गांव निवासी प्रवीण कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ बाबा धाम की यात्रा पर थे। इस हादसे में कार सवार पुष्पा कुमारी, प्रिया कुमारी और खुशबू कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया गया। टक्कर के बाद वहां का नजारा भयावह था। बाइक के पुर्जे सड़क पर दूर-दूर तक बिखरे पड़े थे, जिसे देखकर वाहन की गति का अंदाजा लगाया जा सकता था। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और राहत कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही जिलेबियामोड़ थाना अध्यक्ष राजू ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका भेज दिया। हादसे के बाद काफी देर तक मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बहाल कराया। इधर जैसे ही तीनों भाइयों की मौत की खबर उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ तीन अर्थियां उठने की आशंका से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।