किशनगंज रेलवे स्टेशन से आज शुक्रवार को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। यहां स्टेशन परिसर की साफ-सफाई को लेकर दो रेलवे स्वास्थ्य निरीक्षकों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक आ पहुंची और दोनों के बीच सरेआम मारपीट होने लगी। इसी दौरान एक रेल अफसर ने अपने साथी रेल अधिकारी को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि उसके कान का पर्दा ही फट गया। इस घटना के दौरान वहां यात्री और अन्य रेलकर्मी तमाशबीन बने रहे। जैसे ही इस झगड़े और मारपीट की खबर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। इस सारे घटनाक्रम की जांच का आदेश जारी किया गया है।
कहासुनी हाथापाई में बदली और जड़ दिया थप्पड़
जानकारी के अनुसार रेल अफसरों के बीच झगड़े की यह घटना किशनगंज रेलवे स्टेशन परिसर में घटी। बताया जाता है कि आज शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य निरीक्षक बासुकीनाथ गुप्ता और उनके सहकर्मी लोकेश कुमार सिंह के बीच स्टेशन की सफाई की व्यवस्था को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों के बीच की बहस काफी उग्र हो गई और लोकेश कुमार सिंह ने बासुकीनाथ गुप्ता के कान पर कई जोरदार तमाचे जड़ दिए। थप्पड़ का वेग इतना तेज था कि बासुकीनाथ के एक कान से खून निकलने लगा। इसके बाद वहां अफरा—तफरी मच गई। तुरंत बासुकीनाथ गुप्ता को रेलवे अस्पताल ले जाकर उनका ईलाज शुरू कराया गया। फिलहाल रेलवे प्रशासन और जीआरपी दोनों ही अपने-अपने स्तर पर इस मामले की तहकीकात में जुटे हैं। खबर है कि रेलवे की जांच टीम ने दोनों पक्षों को आरोपी के ही कार्यालय में बुलाकर पूछताछ कर रही है। परंतु आरोपी के ऑफिस में ही जांच करने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, जिस पर जांच अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
GRP थाने में शिकायत, मामले की जांच जारी
इधर मेडिकल के बाद पीड़ित रेलवे अधिकारी बासुकीनाथ गुप्ता ने इस हिंसक व्यवहार को लेकर अपने साथी रेल अफसर लोकेश कुमार सिंह के खिलाफ जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक मामले में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। फिलहाल पीड़ित अधिकारी न्याय के लिए आला अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और अपनी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसबीच किशनगंज रेलवे स्टेशन पर अधिकारी के साथ हुई बदसलूकी की खबर मिलते ही नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे प्रशासन हरकत में आया और डिविजनल मेडिकल ऑफिसर डॉ. देवाशीष पाल अपनी विशेष टीम के साथ किशनगंज पहुंचे। मेडिकल टीम ने पीड़ित के कान की स्थिति की जांच की और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रही है। रेलवे प्रशासन और जीआरपी दोनों ही अपने-अपने स्तर पर इस मामले की तहकीकात में जुटे हैं। जबकि विवाद के केंद्र में रहे आरोपी लोकेश कुमार सिंह फिलहाल मीडिया के कैमरों से बचते नजर आ रहे और उन्होंने घटना को लेकर कोई भी सफाई देने से इनकार कर दिया है।