नवादा : जिले के अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र के बड़की बुधुआ के घोर जंगल और पहाड़ी के किनारे बसा एक गाँव, जहाँ बिरहोर जनजाति की तरह गुफाओं में जीवन यापन करने वाले मुसलमान समुदाय की ‘हवारी’ जाति निवास करती है। इस जाति की आबादी पूरे बिहार में मात्र इसी गाँव में है। ये लोग खेती-बाड़ी, पशुपालन और बकरी पालन के जरिए अपना जीवन यापन करते हैं। यहाँ लगभग 15 घर हैं और आज भी सभी के मकान मिट्टी व फूस के बने हुए हैं।
हाल ही में, गाँव के मो० कासिमुद्दीन की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए प्रखंड जदयू अध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा एवं वरिष्ठ नेता सुरेश प्रसाद वर्मा वहाँ पहुँचे। उन्होंने जो दृश्य देखा देखकर अवाक रह गए। उन्होंने जिला प्रशासन से लुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके बिरहोर समाज के अल्पसंख्यक परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
भईया जी की रिपोर्ट