– इलाज में लापरवाही या साजिश? पूर्व मंत्री के पुत्र की मौत मामले में अस्पताल में गहमागहमी
नवादा : नगर के केंदुआ स्थित धर्मशीला देवी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की मुश्किलें बढ़ने वाली है। ऐसा इसलिए कि पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद हॉस्पिटल की लापरवाही और बदनीयती के कारण अपने पुत्र अखिलेश कुमार की मौत के बाद आरोपित लोगों को कोई रियायत देने के मूड में नहीं हैं। इस संबंध में पूर्व मंत्री के आवेदन पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच टीम की जांच पूरी नहीं होने के कारण सभी आरोपियों को सदर अस्पताल बुलाया गया जहां दोनों पक्ष के लोगों से बातचीत की गई।
इस दौरान सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए और स्व अखिलेश यादव समेत उन तमाम पीड़ित परिवारों को न्याय देने की मांग की जो धर्मशिला देवी हॉस्पिटल के शोषण दोहन के शिकार हुए हैं। जांच दल के बुलावे पर हॉस्पिटल के प्रबंधक समेत अखिलेश कुमार के इलाज में लगे चिकित्सकों की हाजिरी हुई जहां गहन पूछताछ का सिलसिला देर तक चला। मौके पर पुत्र शोक से पीड़ित सदर विधायक विभा देवी एवं एमएलसी अशोक कुमार उपस्थित रहे और जांच दल को पूरे घटना क्रम से अवगत कराया।
जांच के बाद आरोपियों के बाहर निकलते ही उपस्थित भीड़ ने हत्यारा चिकित्सकों को गिरफ्तार करने और हॉस्पिटल को शील करने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। उपस्थित लोगों ने बताया कि धर्मशिला देवी हॉस्पिटल मौत का कारखाना बन गया है जहां मरीजों और अभिभावकों का दोहन शोषण किया जाता है। लोगों ने यह भी बताया कि हॉस्पिटल के संचालक साइबर क्राइम का गैंगस्टर भी जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कुछ वर्ष पहले जो मध्यम वर्ग के परिवार से आते थे आज अकूत संपति के मालिक बने हुए हैं जिसके पीछे किसी बड़े गोरखधंधे की आशंका है। आक्रोशितों ने हॉस्पिटल के संचालक की संपत्ति और इनकम के स्रोत की जांच की मांग की है।
भईया जी की रिपोर्ट