पटना : बिहार के सियासी गलियारों में एक बार फिर कयासों का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और जदयू के उभरते नेता निशांत कुमार ने आज केंद्रीय मंत्री व पार्टी के कद्दावर नेता ललन सिंह के आवास पर उनसे मुलाकात की। ईद मिलन कार्यक्रम के ठीक बाद हुई इस 15 मिनट की गोपनीय बैठक ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
बंद कमरे में हुई इस चर्चा का कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया, लेकिन माना जा रहा है कि यह मुलाकात बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर केंद्रित थी। मार्च 2026 में जदयू की सदस्यता लेने के बाद से निशांत कुमार काफी सक्रिय हैं। उन्हें ललन सिंह और संजय झा जैसे वरिष्ठ नेताओं का खुला समर्थन मिल रहा है। जॉइनिंग के वक्त ललन सिंह का भावुक होना निशांत के प्रति उनकी विशेष निकटता को दर्शाता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि निशांत कुमार को जल्द ही उपमुख्यमंत्री या सरकार में कोई बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। निशांत कुमार की बढ़ती सक्रियता की बात करें तो सामाजिक जुड़ाव के लिए वो इफ्तार पार्टियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में निरंतर शामिल होने के साथ ही पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यक्तिगत स्तर पर संवाद करते दिख रहे हैं।
इसी कारण से इनको संगठन को मजबूत करने और नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट में मुख्य चेहरा भी माना जा रहा है। जिस तरह से निशांत कुमार संगठन में अपनी पकड़ बना रहे हैं, वह संकेत है कि बिहार में सत्ता के नए केंद्र के रूप में उनकी ताजपोशी की तैयारी अंतिम चरण में हो सकती है। फिलहाल, जदयू के किसी भी बड़े नेता ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पटना की हवाओं में “बड़े बदलाव” की खुशबू साफ महसूस की जा रही है।