नवादा : जिले के वारिसलीगंज प्रखंड में चीनी मिल स्थापना के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। करीब एक सौ एकड़ भूमि का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। वारिसलीगंज के अंचल अधिकारी ने 28 फरवरी को पत्रांक 240 के माध्यम से डीएम रवि प्रकाश को भूमि चिह्नित करते हुए प्रतिवेदन सौंपा। जिसके बाद डीएम ने गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव को संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध करा दिया है।
अंचल अधिकारी ने वारिसलीगंज स्थित मकनपुर मौजा के थाना नंबर 474 में करीब एक सौ निजी और सरकारी जमीन को चिह्नित किया है, जिसमें अनावाद बिहार सरकार एवं अनावाद सर्वसाधारण खाता के साथ कुछ रैयती जमीन शामिल है। पूरी जमीन का रकबा करीब 102 एकड़ सात डिसमिल है, इसमें करीब 12 एकड़ पांच डिसमिल जमीन रैयती है।
फिलहाल, डीएम इस रिपोर्ट को गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव को उपलब्ध कराया है। साथ ही पूर्ण विवरण प्रपत्र क, ख, ग एवं ट्रेस नक्शा के साथ अन्य दस्तावेज भेजे गए हैं। सबकुछ ठीक ठाक रहा, तो जिले के वारिसलीगंज में शीघ्र ही चीनी मिल स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। बता दें कि जिले के वारिसलीगंज प्रखंड में चीनी मिल की स्थापना हो, इसको लेकर जनप्रतिनिधि और किसान दोनों प्रयासरत है।
समृद्धि यात्रा में सीएम नीतीश कुमार ने चीनी मिलों की स्थापना का किया जिक्र
वारिसलीगंज में फिर से चीनी मिल स्थापित हो और क्षेत्र आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो। इसके लिए बिहार सरकार ने इस दिशा में प्रयास तेज कर दिए है। बुधवार को अपनी समृद्धि यात्रा में सीएम नीतीश कुमार ने नए चीनी मिल खोलने के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की है। ऐसे में जिले के किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने 16 दिसम्बर 2025 को लिए गए संकल्प संख्या 1587 के तहत राज्य में चीनी मिलों की स्थापना पर विचार हुआ है। जिसके बाद गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश को पत्र भेजा और जिले में चीनी मिल स्थापित करने के लिए सरकार के विचार से अवगत कराया।
नए चीनी मिल की स्थापना के लिए 100 एकड़ जमीन की मांग की गई थी। डीएम ने उक्त पत्र के आलोक में पांच फरवरी, 2026 को वारिसलीगंज अंचल अधिकारी को पत्र भेजा और क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि की निजी या सरकारी जमीन को चिह्नित करते हुए एक सप्ताह में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, इसी बीच अंचल अधिकारी ने डीएम को प्रतिवेदन सौंप दिया। पत्र प्राप्त होते ही डीएम ने आगे की स्वीकृति के लिए गन्ना उद्योग विभाग को चिह्नित भूमि संबंधी दस्तावेज भेजा है।
भईया जी की रिपोर्ट