पूर्व मंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव और नवादा से जदयू विधायक विभा देवी के छोटे बेटे अखिलेश यादव की कल गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा उनके घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुआ जिसमें उनकी थार गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई और उनके सिर में गंभीर चोट लगी। गांव के लोगों ने बताया कि अखिलेश गुरुवार देर शाम अपने आवास से गाड़ी लेकर निकले थे। उन्हें रात में ही पटना लाया गया जहां एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। आज शुक्रवार को तड़के पटना से जब अखिलेश का शव उनके पैतृक आवास पथर इंग्लिश पहुंचा, तो बेटे का शव देखते ही जदयू विधायक और अखिलेश की मां विभा देवी रोते-रोते बेहोश हो गईं। आज ही शुक्रवार की सुबह अखिलेश का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया।
अखिलेश के बड़े भाई एकलव्य यादव ने बताया कि अखिलेश गुरुवार देर शाम अपने घर से थार गाड़ी लेकर निकले। लेकिन कुछ ही दूरी पर उनकी थार एक बरगद के पेड़ से टकरा गई। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया फिर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। पटना मेदांता में इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद जदयू विधायक विभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। अखिलेश यादव का राजनीति से कोई खास जुड़ाव नहीं था। हालांकि, वे पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। नवादा में उनका एक पेट्रोल पंप था और वे मुख्य रूप से अपने व्यवसाय पर ही ध्यान देते थे। अखिलेश के तीन बेटे हैं, जो पटना में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।
अखिलेश का अंतिम संस्कार आज शुक्रवार सुबह कर दिया गया। उनका अंतिम संस्कार गांव स्थित उनके दादाजी की मूर्ति के सामने किया गया, जहां उनके बड़े बेटे रचित ने उन्हें मुखाग्नि दी। छोटे बेटे की मौत से विधायक विभा देवी और राजबल्लभ यादव का परिवार फिलहाल गहरे सदमे में है। जैसे ही यह खबर जिले में फैली, बड़ी संख्या में लोग और राजनीतिक कार्यकर्ता उनके आवास पर जुटने लगे। वहीं इस घटना से नवादा के राजनीतिक गलियारों मेंं भी शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं गांव स्थित अखिलेश के परिजनों और समर्थकों में चीख-पुकार मची हुई है।