सारण : बिहार के सारण जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। बिहार पुलिस की साइबर इंटेलिजेंस शाखा से प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में मशरक थाना क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बैंक खाते से मात्र चार महीनों के भीतर करोड़ों का संदिग्ध लेनदेन पाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने IDBI बैंक के एक संदिग्ध खाते को ट्रैक किया, जो मशरक के लखनपुर गांव निवासी अनुपम कुमार (34 वर्ष) के नाम पर पंजीकृत था। पुलिस के अनुसार, अनुपम अपने खाते का उपयोग साइबर ठगी से अर्जित काली कमाई को खपाने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए ‘मनी म्यूल’ के तौर पर कर रहा था। 4 महीने में उसके खाते से करीब ₹1.28 करोड़ का लेनदेन हुआ।
जांच में जो आंकड़े सामने आए उसके अनुसार 15 फरवरी 2026 से 11 जून 2026 के बीच लगभग ₹1,28,64,000 (एक करोड़ अट्ठाइस लाख चौंसठ हजार रुपये) । इस खाते का संबंध देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों से पाया गया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अनुपम के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं, जो एक बड़े संगठित गिरोह की ओर इशारा करते हैं।
31 सिम कार्ड, 8 एटीएम, 2 डेबिट कार्ड, 7 चेक और 4 पासबुक, 3 मोबाइल फोन, 3 आधार कार्ड और 3 पैन कार्ड के साथ 1 ड्राइविंग लाइसेंस और कई बैंकिंग दस्तावेज मिले हैं। सारण साइबर थाने में इस मामले को लेकर कांड संख्या 42/26 (दिनांक 18 मार्च 2026) दर्ज की गई है। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य कड़ियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
सारण पुलिस ने इस घटना के बाद नागरिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि थोड़े से पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। यदि आपके खाते से ठगी का पैसा ट्रांसफर होता है, तो आप मुख्य अपराधी न होते हुए भी कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें पर शिकायत दर्ज करें।