बिहार के भोजपुर जिले एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। यहां एक पिता ने अपनी ही छह महीने की बच्ची को हनुमान मंदिर में फर्श पर जोर से पटक दिया जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक बच्ची भोजपुर के धोबहा थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरुषोत्तमपुर निवासी दीपांकर कुमार की छह माह की पुत्री आराध्या कुमारी बताई जाती है। बच्ची की मां सुनती कुमारी ने बताया कि उसके पति की करीब एक महीने से तबीयत खराब चल रही है। उसकी दिमागी हालत भी ठीक नहीं है। यह घटना भोजपुर जिले के ही कृष्णगढ़ थानांतर्गत छोटकी इठाना गांव के मंदिर में हुई जहां महिला सुनीता अपने पति की मानसिक अस्वस्थता का इलाज करवाने एक औघड़ बाबा के पास गई थी। वहीं मंदिर में अचानक उसके पति ने बच्ची को फर्श पर दे मारा।
बाबा के पास इलाज कराने आए थे
जानकारी के अनुसार कृष्णगढ़ के छोटकी इठाना गांव में बच्ची के साथ घटी घटना के बाद उसे आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, परंतु रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुरुषोत्तमपुर निवासी दीपांकर कुमार की वह इकलौती संतान थी। आरोपी दीपांकर कुमार पिछले करीब एक महीने से बीमार चल रहा था और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। बताया जाता है कि उसकी पत्नी अपने पति के मानसिक विकार का इलाज छोटकी इठाना गांव में एक बाबा के पास लेकर आई थी। इीसी दौरान बच्ची ने शौच कर दिया और रोने लगी। इसके बाद महिला ने पति के हाथ में बच्ची को सौंप दिया जिसने मानसिक अवस्था से परेशानी की हालत में इस वाकये को अंजाम दे दिया।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
मृतक बच्ची की मां ने बताया कि बीती शाम वह बाबा के पास हाजिरी लगाने गई थी। इसी दौरान बच्ची ने शौच किया तो वह बच्ची के कपड़े साफ करने लगी। तभी दीपांकर ने मासूम आराध्या को अपनी गोद में ले लिया और अचानक मानसिक संतुलन खोते हुए उसने बच्ची को पास के हनुमान मंदिर के फर्श पर जोर से पटक दिया। बच्ची को लहूलुहान और गंभीर स्थिति में देखकर वहां मौजूद अन्य लोगों की मदद से तुरंत आरा सदर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बदकिस्मती से रास्ते में ही बुरी तरह जख्मी बच्ची ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। सुनीता देवी और दीपांकर की शादी तीन साल पहले हुई थी और आराध्या उनकी इकलौती संतान थी। इस घटना के बाद से ही मां का रो-रोकर बुरा हाल है।