नवादा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश के आलोक में विद्वान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा श्री आशुतोष कुमार झा के मार्गदर्शन में तथा धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सहयोग से व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में पक्षकारों के बीच सुलह-समझौते के आधार पर विभिन्न वादों का निष्पादन किया गया।
इस अवसर पर विद्वान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री आशुतोष कुमार झा, सहायक जिला दण्डाधिकारी सह उपाध्यक्ष, पुलिस उपाधीक्षक सह सदस्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री धनन्जय कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय श्री उपेन्द्र कुमार, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्री सुभाष चन्द्र शर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय सहित अन्य अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी, पैनल अधिवक्ता, पारा विधिक स्वयंसेवक एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
मंच का संचालन श्रीमती सौम्या सागर सिन्हा, प्रशिक्षु न्यायिक पदाधिकारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्वान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहाँ से कोई भी पक्षकार निराश होकर नहीं लौटता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने का यह एक सरल एवं प्रभावी माध्यम है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का समाधान होता है, जिससे उभयपक्षों की जीत सुनिश्चित होती है। लोक अदालत में दूरसंचार से संबंधित 01 मामले का निष्पादन किया गया। ग्राम कचहरी के 65 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इसके अतिरिक्त व्यवहार न्यायालय से संबंधित विभिन्न मामलों में कुल 298 मामलों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1231 मामलों का निष्पादन किया गया।
भईया जी की रिपोर्ट