-डीएम से अतिक्रमण मुक्त कर कार्य कराने की मांग
नवादा : जिले में नदी,आहर, पोखर, तालाब व पैन के नहरों के कैनालों के साथ वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों का जारी कब्जा बदस्तूर जारी है। सरकारी भूमि पर कब्जा कर खेत, खलिहान से लेकर मकान व गौशाला निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में परंपरागत जलश्रोत का का दायरा सिमटने से कृषि के साथ पेयजल संकट गहराने लगा है तो भूगर्भीय जल पर संकट के बादल मंडराने लगा है।
ताज़ा मामला जिले के सिरदला प्रखंड क्षेत्र के कुशाहन गांव का है। जलछाजन योजना से तीन करोड़ रुपए की लागत से आहर की खुदाई होनी है। अभिकर्ता द्वारा कार्य आरंभ किया गया है। आहर के भिंड का अतिक्रमण कर सुबोध कुमार पिता चमारी महतो, रामस्वरूप यादव पिता बढ़ु महतो,रामबृक्ष यादव पिता जीतन महतो, देवानंद कुमार पिता बृजनंदन यादव आदि द्वारा अतिक्रमित कर गौशाला से लेकर मकान का निर्माण किया गया है।
ऐसे में आहर का जलग्रहण क्षेत्र सिमट गया है। फिलहाल अभिकर्ता द्वारा बगैर अतिक्रमण मुक्त कराये कार्य आरंभ कराये जाने से आहर का क्षेत्रफल काफी कम हो रहा है जिससे जलसंग्रह में कमी तो आयेगी ही भविष्य में पुनः अतिक्रमण की संभावना बनी रहेगी। ग्रामीणों ने डीएम से मामले की स्थल जांच कर आहर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर कार्य आरंभ कराने की गुहार लगायी है।
भईया जी की रिपोर्ट