नवादा : आखिरकार भैया जी की मेहनत रंग लायी। अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र बकसंडा पंचायत मुखिया विनोद कुमार वित्तीय अनियमितता के मामले में पदमुक्त किये गये। इसके साथ ही उन्हें राज्य निर्वाचन आयोग ने पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी। कहते हैं पद मिल जाय तो कभी पद का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। भले उक्त आरोप से पंचायत सचिव को मुक्त कर दिया गया हो लेकिन वे भी कम दोषी नहीं थे।
बावजूद मुखिया के पदमुक्त होने से एक बार फिर भैया जी की खबर की प्रामाणिकता पर मुहर लगी है। जाहिर है मुखिया का पद समाप्त होते ही स्वत: अस्थायी रुप से उपमुखिया को मुखिया पद का शपथ दिलाने की व्यवस्था पंचायत राज अधिनियम में है। पदमुक्त किये जाने के छह महीने के अंदर चुनाव कराया जाना है।
ऐसे में बीडीओ राधा रमण मुरारी ने मुखिया पद पर उपमुखिया सुलेखा देवी को प्रखंड कार्यालय में मुखिया पद की शपथ दिलायी। अब जब सुलेखा देवी ने मुखिया पद की शपथ ली है तो संभवतः अगले चुनाव तक मुखिया रह सकेगी। कारण स्पष्ट है अगस्त या सितंबर तक प्रावधान के तहत चुनाव कराया जाना है। अब मेसकौर प्रखंड प्रमुख को पदमुक्त कराया जाना शेष है जिसका इंतजार हर किसी को है।
भईया जी की रिपोर्ट