नवादा : कृषि रोड मैप के तहत् सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला कृषि प्रक्षेत्र के प्रांगण में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। उद्घाटन जिला पदाधिकारी, श्री रवि प्रकाश, माननीय विधायक, नवादा विधानसभा श्रीमती विभा देवी, माननीय विधायक, गोविंदपुर विधानसभा श्रीमती विनिता मेहता तथा जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा देवी एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि भारत विस्तार एआई (Bharat Vistar AI) भारतीय कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आया है। यह एक एआई आधारित प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को उनकी अपनी भाषा में मौसम, मंडी भाव, कीट-रोग, फसल सलाह तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित यह पहल किसानों को मोबाइल फोन के माध्यम से कृषि से जुड़ी जानकारी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होगी। भारत विस्तार योजना के तहत किसान 155261 नंबर पर कॉल कर अपनी समस्याएं भी बता सकेंगे और उन्हें तत्काल समाधान प्राप्त होगा। उन्होंने किसानों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की।
जिला पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि यांत्रिकरण एवं अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए योजनाओं के समयबद्ध एवं सफल क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में कृषि यांत्रिकरण योजना के अंतर्गत कुल 91 प्रकार के विभिन्न कृषि यंत्रों के वितरण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। दिनांक 23.02.2026 को लॉटरी के माध्यम से कुल 1804 स्वीकृति पत्र निर्गत किए गए हैं। निर्गत स्वीकृति पत्रों के विरुद्ध अब तक 711 किसानों द्वारा अनुदानित दर पर मेला/मेला से बाहर विभाग द्वारा निबंधित कृषि यंत्र विक्रेताओं के माध्यम से विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद की गई है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि में कृषि यंत्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि रोड मैप के अंतर्गत कृषि यांत्रिकरण योजना के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके उपयोग से लघु एवं सीमांत किसान समय पर कृषि कार्यों का निष्पादन कर सकेंगे तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव से फसलों को संरक्षित कर सकेंगे। धान, गेहूं, दलहन एवं तेलहन के साथ-साथ गन्ना एवं उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में वृद्धि के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान दिए जाने से उत्पादन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव है।
जिले में कृषि यांत्रिकरण को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्तायुक्त आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ बेलर, पैडी ट्रांसप्लांटर, हैप्पी सीडर, पावर टिलर, लेजर लैंड लेवलर, जीरो टिलेज मशीन, रोटावेटर, रीपर-कम-बाइंडर, मिनी राइस मिल, दाल मिल एवं ऑयल मिल आदि के उपयोग से उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि की संभावना है।
उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) द्वारा मेले में आए किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, कौआकोल द्वारा विभिन्न फसलों की उन्नत खेती तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
मेले में जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक (रसायन), उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), सहायक निदेशक (मृदा संरक्षण), उप परियोजना निदेशक, आत्मा तथा विभाग के समस्त कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक एवं किसान बंधु उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट