राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर 16 मार्च को बिहार, हरियाणा और ओडिशा में मतदान के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। इन तीनों ही राज्यों में होने वाले रास चुनाव में कुछ सीटों के लिए कांटे की टक्कर है। अत: क्रॉस वोटिंग की भी आशंका है। इसके साथ ही जहां हरियाणा और ओडिशा में बीजेपी ने निर्दलीयों को समर्थन दिया है, वहीं बिहार में आरएलपी के उपेंद्र कुशवाह को उतारा गया है। अब इसी को देखते हुए बीजेपी ने कांटे की टक्कर वाले इन राज्यों में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। माना जा रहा है कि इन चुनावों में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हो सकती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा आज सोमवार 9 मार्च को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभिन्न राज्यों में राज्यसभा चुनाव के लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान पार्टी की रणनीति, समन्वय और अनुशासन को प्रभावी ढंग से लागू करना बताया गया है।
बिहार भेजे गए विजय शर्मा और हर्ष मल्होत्रा
जानकारी के अनुसार यह बताया गया कि भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारी तेज करते हुए बिहार राज्य के लिए दो केन्द्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और भारत सरकार में केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों नेता संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे हैं और पार्टी नेतृत्व ने उन पर राज्यसभा चुनाव के प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
इसी तरह हरियाणा के लिए गुजरात सरकार के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को केन्द्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य में राजनीतिक परिस्थितियों और संख्या बल को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हर्ष सांघवी को संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर यह जिम्मेदारी दी गई है। ओडिशा के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले को केन्द्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि उनके अनुभव से राज्य में पार्टी को राज्यसभा चुनाव के दौरान लाभ मिलेगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये नियुक्तियां राज्यसभा चुनाव को सुचारू, पारदर्शी और संगठनात्मक दृष्टि से मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई हैं। केन्द्रीय पर्यवेक्षक संबंधित राज्यों में पार्टी विधायकों और संगठन के साथ समन्वय स्थापित कर चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। भाजपा नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि इन नियुक्तियों से पार्टी राज्यसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।