मधुबनी (बिहार) : सोशल मीडिया पर इन दिनों मधुबनी मेडिकल कॉलेज का एक कथित लेटर सोशल मीडिया एक्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने न केवल छात्रों बल्कि आम जनता के बीच भी खलबली मचा दी है। इस वायरल लेटर के अनुसार रमजान के पवित्र महीने के दौरान यदि कोई छात्र और छात्रा (कपल) परिसर में एक साथ खड़े पाए जाते हैं, तो कॉलेज प्रशासन उनका निकाह करा देगा। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने इस पत्र को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए इसे खारिज कर दिया है।
दरअसल, सोशल मीडिया एक्स पर 27 फरवरी, 2026 की सुबह साझा अंग्रेजी लेटर में एक लेटर साझा किया गया जिसके अनुसार रमजान का महीना चल रहा है। इस दौरान लड़का-लड़की का एक साथ खड़ा होना वर्जित है। यदि कोई कपल साथ दिखता है तो उनका तुरंत निकाह करा देने की बात की गई है। नियमों के उल्लंघन पर होने वाले ‘वलीमा’ के जिम्मेदार वे स्वयं को बताया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस लेटर पर 25 फरवरी की तारीख दर्ज है और नीचे प्रिंसिपल के कथित हस्ताक्षर और कॉलेज की मुहर भी लगी हुई है।
साथ ही इसे नोटिस बोर्ड और सभी विभागाध्यक्षों को भेजने का जिक्र भी किया गया है। मामला तूल पकड़ते ही कॉलेज प्रबंधन ने सक्रियता दिखाई है। प्रशासन का कहना है कि कॉलेज की ओर से ऐसा कोई भी विवादास्पद आदेश जारी नहीं किया गया है। वायरल हो रहा लेटर पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी है, जिसका उद्देश्य संस्थान की छवि खराब करना है। कॉलेज प्रशासन जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा।
भले ही कॉलेज ने इसे फर्जी बताया हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह वाकई किसी की शरारत है या फिर लेटर के वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद कॉलेज इसे ‘फेक’ बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है? प्रिंसिपल के हस्ताक्षर और मुहर असली हैं या नकली, यह जांच का विषय है। फिलहाल, यह लेटर बिहार के गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।