पटना : तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर बिहार पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘घुसपैठियों’ को लेकर दिए गए बयान से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। शाह के दावे पर तेजस्वी यादव ने तीखा पलटवार करते हुए इसे चुनावी मुद्दा करार दिया और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। तेजस्वी ने अमित शाह के बयान को चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए इस तरह के मुद्दे उछाले जा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जहां भी चुनाव होता है, भारतीय जनता पार्टी इस तरह के मुद्दों को उठाकर माहौल बनाने की कोशिश करती है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि बिहार में कोई घुसपैठिया नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई घुसपैठिया राज्य में आया भी है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की है। उन्होंने कहा कि बिहार में लंबे समय से एनडीए की सरकार रही है, ऐसे में कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय इस तरह के बयान देकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे मुद्दों को समझ चुकी है और विकास व रोजगार जैसे असली मुद्दों पर जवाब चाहती है। वहीं, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर भी तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदिरा आवास योजना के तहत 24 घंटे के भीतर मकान निर्माण पूरा दिखा दिया गया, जिसमें ढलाई और बीम तक लगने का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में संबंधित आवास की तस्वीर भी संलग्न है, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका और मजबूत होती है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य के खजाने को लूटने का काम किया जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तैयारी में है। उन्होंने दावा किया कि पर्याप्त संख्या बल उनके पास है और इस बार वे चुनाव जीतेंगे। उम्मीदवार के नाम की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री के बयान और विपक्ष के पलटवार के बीच बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।