नवादा : जिले के मेसकौर प्रखंड अंतर्गत सीतामढ़ी क्षेत्र में मानवता और संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल देखने को मिली, जब 112 पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक विधवा महिला की बेटी की शादी सकुशल संपन्न हो सकी। जानकारी के अनुसार मंझवे–नरहट रोड किनारे स्थित बलवान गांव में लटनी देवी अपनी बड़ी बेटी पूजा की शादी बड़े अरमानों के साथ अपने घर में कर रही थीं। बारात तुंगी बाजार के जमुआवां गांव से आई थी।
रात करीब एक बजे विवाह की रस्में चल रही थीं और घर में खुशियों का माहौल था, तभी गांव के कुछ शरारती युवक अचानक शादी समारोह में आ धमके और विवाह का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे। उन्होंने कुछ बारातियों और रिश्तेदारों के साथ मारपीट की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। डरी-सहमी लटनी देवी मदद की आस में सड़क की ओर भागीं तभी दूर से पुलिस की फ्लैश लाइट चमकती दिखाई दी। वह बीच सड़क पर खड़ी होकर रोते हुए पुलिस से गुहार लगाने लगीं—“हुजूर, मेरी बेटी की शादी बचा लीजिए, मैं एक विधवा हूं, ये लोग शादी नहीं होने दे रहे हैं।”
112 पुलिस टीम में शामिल एएसआई बसंत सिंह यादव, चालक पप्पू कुमार और अन्य जवानों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस को अपनी ओर बढ़ते देख शरारती युवक भाग खड़े हुए। इसके बाद पुलिस टीम वहीं डटी रही और तब तक सुरक्षा देती रही, जब तक सिंदूरदान की रस्म पूरी नहीं हो गई। मां की आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार वो खुशी के थे। 112 पुलिस की तत्परता ने एक गरीब विधवा मां के सपनों को टूटने से बचा लिया और गांव में इंसानियत की मिसाल कायम की।इस संबंध में सीतामढी थानाध्यक्ष पप्पू शर्मा ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई है। आवेदन अपर्याप्त है,पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भईया जी की रिपोर्ट