मैट्रिक परीक्षा में देरी के कारण एग्जाम हॉल में एंट्री नहीं मिलने के बाद छात्रा ने बीते दिन मसौढ़ी में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी। अब इस मामले ने आज तब तूल पकड़ लिया जब बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने इसको लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बच्ची की मौत के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मीडिया के सामने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मासूम बच्ची के कातिलों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। नियम—कानून जनता की सुविधा के लिए बनाए जाते हैं। महज 5 मिनट की देरी पर उस मासूम के कैरियर से यह खिलवाड़ वह किशोर बच्ची सहन नहीं कर पाई। राज्य की सड़कों का क्या हाल है, सभी जानते हैं। जगह—जगह जाम लगा रहता है। ऐसे में देरी होना कोई इतना बड़ा गुनाह नहीं था कि उसे परीक्षा में एंट्री ही नहीं दी जाए।
पूर्व सीएम राबड़ी ने खराब कानून-व्यवस्था पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। 5 मिनट देर क्या हुई, लड़की को परीक्षा देने नहीं दिया गया। जिस वजह से सदमे में आकर उसने अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा कि अगर उसको एंट्री दे दी जाती तो क्या हो जाता? पूर्व सीएम ने कहा कि बच्ची ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया, ये पूरी तरह से सरकार और परीक्षा कराने वाले लोगों की गलती है। जो लोग भी इस घटना के लिए दोषी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। राबड़ी देवी ने कहा कि वह सरकार से मांग करती हैं कि दोषी लोगों पर एक्शन ले और बच्चों को एग्जाम हॉल में जाने से ना रोका जाए।
राबड़ी ने कहा कि परीक्षा में थोड़ा सा लेट हो गया बेटी को तो वो सदमे में आ गई और जाकर रेल से कट गई। ये तो सरकार का दोष है। 5 मिनट देर हो गया तो क्या हो गया? माफ कर देता। घुसा देता परीक्षा हॉल में। उस पर तो कार्रवाई होना चाहिए जो नहीं घुसने दिया। इसके बाद सदन के अंदर राबड़ी देवी ने नीट छात्रा हत्याकांड और शराबबंदी पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है, फिर भी बॉर्डर से शराब कैसे आ रही है? ये सरकार किसी भी सवाल का जवाब नहीं देती है। सदन में विपक्ष को बोलते नहीं दिया जा रहा है, यह सरकार तानाशाही सरकार है।