मशहूर भोजपुरी एक्टर और सिंगर पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा तलाक का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते दिन बुधवार को आरा सिविल कोर्ट के कुटुंब न्यायालय में दोनों के बीच सुलह (रिकॉन्सिलिएशन) के लिए सुनवाई की तारीख थी जिसपर उनकी पत्नी ज्योति सिंह तो कोर्ट में उपस्थित हुईं, लेकिन पवन सिंह गायब रहे। ज्योति सिंह के वकील आदित्य नारायण सिंह ने बताया कि कोर्ट की ओर से रीकांउसलिंग के लिए 11 फरवरी की तिथि तय थी। कोर्ट के आदेश पर ज्योति सिंह बुधवार को कोर्ट में उपस्थित हुईं। लेकिन, तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देकर उनके पति पवन सिंह नहीं आए। इसपर ज्योति सिंह कोर्ट में अपनी बात कह भावुक होकर रो पड़ीं।
कोर्ट में जज से क्या बोली ज्योति सिंह?
न्यायालय की पहल पर रिकाउंसलिंग के लिए अदालत पहुंची ज्योति सिंह ने कोर्टरूम में कहा—’जज साहब, मेरी शादी को 7 साल हो चुके हैं। लेकिन आज तक मुझे न तो पति का प्यार मिला और न ही भरण-पोषण का कोई खर्च। मैं पवन सिंह के साथ रहना चाहती हूं। मेरा दर्द नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर वे साथ नहीं रहना चाहते, तो मुझे 10 करोड़ रुपये मेंटेनेंस दिए जाएं’। बताया जाता है कि ज्योति सिंह ने कोर्ट परिसर में पवन सिंह का लंबा इंतजार किया, लेकिन पवन सिंह नहीं पहुंचे। उनके वकील ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया। इसके बाद काफी भावुक अवस्था में ज्योति सिंह कोर्ट से बाहर निकलीं। अब कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 24 फरवरी 2026 तय की है।
क्या है मामला, मेंटेनेंस में 10 करोड़ दें… ?
सिंगर और एक्टर पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 7 मार्च 2018 को बलिया (यूपी) में बड़े धूमधाम से हुई थी। शादी के कुछ साल बाद अक्टूबर 2021 में पवन सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की, और यह मामला मई 2022 से आरा कोर्ट में चल रहा है। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें शादी के बाद नशे की हालत में मारपीट करना, गाली-गलौज करना, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देना और दो बार जबरन गर्भपात कराने का आरोप शामिल है। साथ ही ज्योति सिंह ने कोर्ट में अंतरिम भरण-पोषण की मांग भी की है। बता दें कि पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह ने वर्ष 2015 में सुसाइड कर लिया था। इस मामले में कोर्ट अभी भी दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहा है। अगर समझौता नहीं हुआ, तो तलाक और मेंटेनेंस पर विस्तृत सुनवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत दोनों की आर्थिक स्थिति, वैवाहिक परिस्थितियों और आरोपों को देखकर फैसला लेगी।