पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हैवानियत और उसकी हत्या मामले में सीबीआई जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग को लेकर बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में आज विपक्षी सदस्यों ने जबर्दस्त हंगामा किया। विधानसभा और विधान परिषद के पोर्टिको में विपक्षी सदस्यों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए और पुलिस तथा नीतीश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में राजद, भाकपा माले समेत तमाम विपक्षी पार्टियों के सदस्य शामिल थे। विपक्षी सदस्यों ने सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि नीट छात्रा की मौत के मामले में पुलिस वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय मृतक छात्रा के परिजनों को ही परेशान कर रही है। राजद नेताओं ने कहा कि परिजनों से बार-बार पूछताछ कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है और शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। भाकपा माले की विधान पार्षद शशि यादव ने कहा कि बिहार में बेटियों के खिलाफ लगातार आपराधिक घटनाएं घट रही हैं। नीट छात्रा के साथ हुई घटना और औरंगाबाद में चार बेटियों द्वारा आत्महत्या कर लेने की घटना सबके सामने है। लेकिन सरकार इन मामलों में गंभीर नजर नहीं आ रही।
माले की एमएलसी शशि यादव ने कहा कि सरकार ने नीट छात्रा मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। लेकिन केवल जांच एजेंसी बदलने से न्याय सुनिश्चित नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि सीबीआई जांच हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो और दोषियों को बचाने की कोशिश न की जा सके। उनका कहना है कि न्यायिक निगरानी से जांच प्रक्रिया पारदर्शी होगी और पीड़ित परिवार को भरोसा मिलेगा। उधर विधानसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया और पोर्टिको में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस सनसनीखेज कांड पर राजद, कांग्रेस और वाम दलों ने नीतीश कुमार से अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में शुरुआती स्तर पर पुलिस ने कई अहम बिंदुओं को नजरअंदाज किया। समय रहते जरूरी कार्रवाई नहीं की गई और इसी वजह से संदेह और गहराता गया। विपक्ष ने सरकार से मांग की कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई जांच को न्यायिक निगरानी में कराए और मृत छात्रा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।