पटना : राजधानी पटना से लगभग 70 किलोमीटर दूर बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड अंतर्गत चिंतामणचक गांव के पुल के समीप शुक्रवार की सुबह एनटीपीसी की राख (ऐश) ले जाने वाली पाइपलाइन अचानक फट गई। इस घटना से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना सुबह करीब 9:45 बजे की बताई जा रही है। पाइपलाइन फटते ही राख मिश्रित पानी का तेज फव्वारा निकल पड़ा, जो देखते ही देखते आसपास के खेतों में फैल गया। अचानक हुई इस दुर्घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार राख और पानी के सैलाब से खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में भारी मात्रा में राख जम जाने से फसल बर्बाद होने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद से किसानों में एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासी सागर यादव ने बताया कि एनटीपीसी की पाइपलाइन फटने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें किसानों की फसलें नष्ट होती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार नुकसान के बावजूद अब तक किसी भी किसान को मुआवजा नहीं दिया गया है। शिकायत करने पर अधिकारी केवल टालमटोल करते हैं।
वहीं, एनटीपीसी के पीआरओ द्वारा इस मामले में कोई स्पष्ट या आधिकारिक जानकारी नहीं दिए जाने से सूचनाओं का अभाव बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पाइपलाइन में लीकेज की सूचना मिलते ही संबंधित परियोजना कर्मियों द्वारा लाइन को तत्काल बंद कर दिया गया और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल प्रभावित किसान फसल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि एनटीपीसी के सूचना तंत्र द्वारा स्थानीय पत्रकारों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जाता है और निबंधित समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं के प्रतिनिधियों को सूचनाओं से वंचित रखा जाता है, जो अत्यंत निंदनीय है।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट