पटना : बिहार की नीतीश सरकार ने प्रशासनिक महकमे में बड़ी सर्जरी करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 23 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कई जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC), नगर आयुक्त और अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गरिमा लोहिया को मिली ‘बाढ़’ की कमान
इस तबादले में सबसे ज्यादा चर्चा यूपीएससी-2023 की सेकेंड टॉपर सुश्री गरिमा लोहिया की है। उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक कर्मभूमि माने जाने वाले ‘बाढ़’ अनुमंडल का एसडीओ बनाया गया है। गौरतलब है कि पालका साहनी और वंदना प्रेयसी के बाद वह बाढ़ की कमान संभालने वाली तीसरी महिला आईएएस अधिकारी बन गई हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय और कम्फेड में नई तैनाती
समीर सौरभ (2019 बैच) को पटना के डीडीसी पद से हटाकर कम्फेड, पटना का प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया है। दीपक कुमार मिश्रा (2019 बैच) को नालंदा के नगर आयुक्त से अब मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। साथ ही उन्हें बिहार विकास मिशन के मिशन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
नगर निगमों को मिले नए नगर आयुक्त
सरकार ने नगर निकायों की व्यवस्था सुधारने के लिए कई युवा आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है:
अभिषेक पलासिया : नगर आयुक्त, गया।
कुमार निशांत विवेक : नगर आयुक्त, बिहारशरीफ (नालंदा)।
शिवाक्षी दीक्षित : नगर आयुक्त, बेतिया।
किसलय कुशवाहा : नगर आयुक्त, भागलपुर।
आशीष कुमार : नगर आयुक्त, मोतिहारी।
पार्थ गुप्ता : नगर आयुक्त, मुंगेर।
इन अधिकारियों को मिली DDC की जिम्मेदारी
श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर : उप विकास आयुक्त, पटना।
शुभम कुमार : उप विकास आयुक्त, नालंदा।
सूर्य प्रताप सिंह : उप विकास आयुक्त, समस्तीपुर।
लक्ष्मण तिवारी : उप विकास आयुक्त, सारण।
गौरव कुमार : उप विकास आयुक्त, गोपालगंज।
काजले वैभव नितिन : उप विकास आयुक्त, पश्चिम चंपारण।
दिव्या शक्ति : उप विकास आयुक्त, कैमूर।
SDM स्तर पर अन्य बदलाव
अनुमंडल स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। गरिमा लोहिया के अलावा अनिरुद्ध पांडेय को दानापुर, कृतिका मिश्रा को पटना सदर, आकांक्षा आनंद को मुजफ्फरपुर (पश्चिम) का अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
बधाई देने वालों का लगा तांता
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद सभी आईएएस अधिकारियों को बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जहां युवा अधिकारियों के कंधों पर विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने की चुनौती होगी।
सत्यनारायण चतुर्वेदी