जस्टिस संगम कुमार साहू पटना उच्च न्यायालय के 47वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किये गए हैं। आज बुधवार की सुबह उन्होंने राजभवन में शपथ ली। राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद जस्टिस संगम कुमार साहू ने औपचारिक रूप से पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाल लिया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल में ओड़िसा हाईकोर्ट के जस्टिस संगम साहू को पटना उच्च न्यायालय का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी। आज सुबह जस्टिस साहू ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पीबी बजंथ्री के सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी संभाली है। समारोह में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। जस्टिस साहू के मुख्य न्यायाधीश बनने से न्यायिक कार्यों में गति और प्रभावशीलता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कॉलेजियम की सिफारिश पर राष्ट्रपति की मुहर
जानकारी के अनुसार 5 जून, 1964 को जन्में संगम कुमार साहू ने कटक के नुअबाजार हाई स्कूल से मैट्रिक परीक्षा पास कर स्टीवर्ट साइंस कॉलेज से विज्ञान में इंटर और स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद उत्कल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी एंव उड़िया में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की। जस्टिस साहू की नियुक्ति की प्रक्रिया पिछले महीने शुरू हुई थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 दिसंबर 2025 को हुई अपनी महत्वपूर्ण बैठक में जस्टिस संगम कुमार साहू के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी थी। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने गुरुवार को उनकी नियुक्ति की आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर दी। वर्तमान में पटना हाई कोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सुधीर सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
2014 में हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने थे
जस्टिस संगम कुमार साहू का कानूनी सफर और उनकी न्याय की समझ उन्हें विरासत में मिली। उन्होंने अपने पिता, प्रसिद्ध फौजदारी कानून विशेषज्ञ स्वर्गीय शरत चंद्र साहू के सानिध्य में वकालत की बारीकियां सीखीं। 26 नवंबर 1989 को ओडिशा राज्य कानून परिषद में वकील के रूप में पंजीकृत होने के बाद, उन्होंने डॉ. मनोरंजन पंडा के साथ भी काम किया। वह फौजदारी मामलों के माहिर वकील माने जाते थे। अपनी काबिलियत के दम पर 2 जुलाई 2014 को उन्हें ओडिशा हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।