ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने भोजपुर में हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर पुलिस प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस सिस्टम को लोगों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, वही आज निरंकुश होकर रक्षक से भक्षक बन चुका है। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत और खुद की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के दोहरे रवैए पर कई आरोप लगाए। रोशन आनंद ने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस का काम समाज को अपराधियों से बचाना और आम जनता की रक्षा करना होता है। लेकिन आज की तारीख में बिहार की पुलिस रक्षक नहीं, आम जनता की भक्षक बन चुकी है। इसका जीता-जागता उदाहरण है आरा का भरत तिवारी की हत्या का मामला है। जब भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो फिर एनकाउंटर क्यों किया? आप जनता के रक्षक हैं, जनता आपसे इंसाफ की उम्मीद करती है, लेकिन आपने एक निहत्थे को मौत के घाट उतार दिया।
मेरी गिरफ्तारी न होती, तो आज भाई जिंदा होता
रोशन आनंद ने अपनी गिरफ्तारी और भाई की मौत के बीच की कड़ियों को जोड़ते हुए कहा कि प्रशासन की जल्दबाजी और तानाशाही ने उनके परिवार को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर मुझे उस झूठे मामले में साजिश के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया होता, तो आज मेरा भाई प्रिंस यादव भी हमारे साथ जिंदा खड़ा होता। प्रशासन को भरत तिवारी मामले की गंभीरता को समझना चाहिए। जनता को अब भी न्याय की उम्मीद है और सच्चाई को सामने लाने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच बेहद जरूरी है। पुलिस को जनता का रक्षक बनकर काम करना चाहिए, न कि समाज में भय, खौफ और अविश्वास का कारण बनना चाहिए।
खान पर पुलिस मेहरबान, मुझे 4 घंटे में भेजा जेल
रोशन आनंद ने पुलिस प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरा प्रशासनिक सिस्टम ऊपर से नीचे तक एकतरफा काम कर रहा है। घटना 2 जून को रात करीब 10 बजे हुई। आधी रात के आसपास मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और महज 4 घंटे के भीतर मुझे एक झूठे केस में जेल के अंदर डाल दिया गया। दूसरी तरफ, 4 जून को फैसल खान के खिलाफ एक पुख्ता एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रशासन के पास उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 48 से 72 घंटे का लंबा समय था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी तो दूर, उनसे पूछताछ तक नहीं की गई। यह प्रशासन का दोहरा रवैया नहीं तो और क्या है? रोशन आनंद ने जेल भेजे जाने के दौरान एक पुलिस अधिकारी द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप लगते हुए कहा कि जब मुझे गिरफ्तार किया जा रहा था, तो कदमकुआं SHO ने सीधे तौर पर मुझसे कहा था कि हम तुम्हें पूरी तरह बर्बाद कर देंगे, सड़क पर लाकर खड़ा कर देंगे और भीख मांगने पर मजबूर कर देंगे।