नवादा : नगर थाना क्षेत्र के गोंदापुर मुहल्ले में जुआ खेलने और शोर-गुल का विरोध करना पड़ोसी कुलदीप चौधरी को भारी पड़ा था। विरोध से नाराज दबंगों ने उसकी हत्या कर दी थी। करीब तीन साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड में व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया।अदालत ने पिता-पुत्र समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
जुआ और शोर-गुल का विरोध बना हत्या की वजह
मामला नगर थाना कांड संख्या 1770/23 से जुड़ा है। घटना 12 नवंबर 2023 की रात की है। अभियोजन के अनुसार, गोंदापुर में अनिल चौधरी के घर जुआ खेलने के दौरान काफी शोर-गुल और गाली-गलौज हो रहा था। पड़ोसी कुलदीप चौधरी ने इसका विरोध किया था। आरोप है कि विरोध से नाराज होकर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद मृतक के भाई रंजीत चौधरी के फर्द बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपितों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था।
अभियोजन की मजबूत पैरवी, चारों दोषी करार
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहम्मद मिस्बाह रसूल ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया। अदालत ने दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 448, 504, 506, 326 एवं 302 के तहत दोषी पाया।
पिता-पुत्र समेत चार को उम्रकैद
अदालत ने अनिल चौधरी, पिता शिवा चौधरी, विक्की चौधरी, पिता अनिल चौधरी, अविनाश चौधरी, पिता अनिल चौधरी तथा पवन कुमार, पिता अक्षय चौधरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषी गोंदापुर, थाना नगर के निवासी हैं। अदालत के इस फैसले के बाद मृतक के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद इलाके में बुधवार फैसले की चर्चा चारों ओर हो रही है।
भईया जी की रिपोर्ट