नवादा : निजी अस्पतालों पर प्रशासन द्वारा किए गए कार्रवाई के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बी.के. शर्मा ने की। बैठक में प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में आईएमए ने कहा कि प्रशासन ने गुरुवार को शहर के कई प्रतिष्ठित और मेडिकल काउंसिल से पंजीकृत डॉक्टरों के स्टाफ को हिरासत में लिया है। आईएमए ने इसे ‘गैरकानूनी और अनुचित कदम‘ बताते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया और अविलंब सभी को रिहा करने की मांग की।
बैठक में 8 प्रमुख निर्णय लिए गए, जिसमें हिरासत में लिए गए स्टाफ को तुरंत रिहा किया जाए। भविष्य में ऐसी कार्रवाई न हो। पंजीकृत चिकित्सकों के क्लिनिक पर दर्ज अवैध एफआईआर को तुरंत निरस्त किया जाए। अधिकारियों को बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान स्थापना एवं पंजीकरण नियमावली, 2026 के प्रावधानों से अवगत कराया जाए।
आगे कहा कि छापेमारी करने वाले दल को या तो कानून की जानकारी नहीं है या वे जानबूझकर प्रावधानों की अनदेखी कर रहे हैं। सभी चिकित्सक अपना प्रतिष्ठान पंजीकृत कराना चाहते हैं, लेकिन फायर सेफ्टी से जुड़े प्रावधान बड़ी बाधा हैं। प्रशासन से पंजीकरण और फायर सेफ्टी की प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट और सुगम बनाने का अनुरोध करते हैं। पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट स्टेट आईएमए को भेजी जाएगी और आगे की कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश मांगे जाएंगे।
बैठक में अध्यक्ष डॉ. बीके शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. डब्ल्यू.पी. सिंह, डॉ. नरेन्द्र शर्मा, संयुक्त सचिव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. पारितोष, राज्य परिषद सदस्य, डॉ. सुनीति कुमार, डॉ. अशोक कुमार, वारिसलीगंज, केंद्रीय परिषद सदस्य डॉ. ए.के. अरुण, डॉ. महेश कुमार, डॉ उर्मिला भगत, डॉ. मनोज बरनवाल, डॉ. प्रहलाद कुमार, डॉ. कुणाल, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. मधु सिन्हा, डॉ पीएस चौधरी ,डॉ. धीरज कुमार, डॉ. प्रेम प्रकाश आदि उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट