नवादा : जिलाधिकारी रवि प्रकाश को आवेदन देकर जिले के काशीचक प्रखंड ग्राम पंचायत खखरी में 14वीं एवं 15 वीं वित्त आयोग की योजनाओं में हुए बड़े पैमाने पर वित्तीय गबन की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की गयी है। जांचोपरांत कार्रवाई सुनिश्चित करने व ऐसा नहीं करने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी गयी है। जिले के काशीचक प्रखंड के खखरी गांव निवासी और प्रखंड बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के सदस्य दीपक कुमार रिंकू नने आवेदन में उल्लेख किया है कि पूर्व में प्रखंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों से लगातार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि मामले को दबाने और केवल कागजी खानापूर्ति करने का प्रयास किया गया।
दीपक कुमार रिंकू ने बताया कि वर्ष 2018-19 से 2025-26 के दौरान खखरी पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में लगभग 3,71,68,908 रुपये की राशि का गबन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरातल पर काम किए बिना ही कागजों पर योजनाओं को पूर्ण दिखाकर सरकारी धन की भारी लूट की गई है। इस संबंध में प्रखंड बीस सूत्री की बैठकों में जांच का प्रस्ताव पारित होने और व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों को जमीनी हकीकत से अवगत कराने के बाद भी तत्कालीन बीडीओ और पंचायत पदाधिकारियों द्वारा कार्रवाई के नाम पर शून्य कदम उठाए गए।
जिला जनता दरबार में शिकायत के बाद जिला प्रशासन द्वारा दिए गए जांच निर्देशों को भी निचले स्तर के अधिकारियों ने मजाक बना दिया। प्रखंड विकास अधिकारी ने जांच का जिम्मा प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को सौंपा, जिन्होंने बिना किसी स्थलीय जांच या दस्तावेजी सत्यापन के उल्टे आरोपी पंचायत सचिव से ही रिपोर्ट मांग ली और उसे उच्च अधिकारियों को अग्रेषित कर दिया। इस कार्यशैली को उन्होंने भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाला और बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बिल्कुल विपरीत बताया है।
कार्रवाई न होने पर दी आमरण अनशन की चेतावनी
आवेदक दीपक कुमार रिंकू ने डीएम को दिए शिकायती आवेदन में चेतावनी दी है कि यदि 28 जुलाई से 15 दिनों के भीतर यानी 12 अगस्त तक इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे 13 अगस्त से काशीचक प्रखंड कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी। आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है।
भईया जी की रिपोर्ट