-सफाई पर करोड़ों खर्च, फिर भी सड़कों पर गंदगी ही गंगी
नवादा : शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। नगर परिषद हर महीने सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में पिछले तीन दिनों से कचरा नहीं उठाया गया है, जिससे जगह-जगह गंदगी का ढेर लग गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मुख्य चौक-चौराहों से लेकर व्यस्त सड़कों तक कचरे का अंबार देखने को मिल रहा है। कचरे से उठ रही तेज बदबू ने स्थानीय लोगों और राहगीरों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर लोग नाक ढंककर गुजरने को मजबूर हैं।
सबसे खराब स्थिति पंपुकल चौक की बताई जा रही है। यहां कई दिनों से कचरे का बड़ा ढेर जमा है, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह दूषित हो गया है। गर्मी और उमस के बीच सड़ते कचरे से उठ रही बदबू लोगों को बीमार करने के लिए काफी है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि गंदगी से फ़ैल रही बदबू की वजह से ग्राहक भी आने से कतराने लगे हैं।
पंपुकल चौक के अलावा पुरानी स्टेशन रोड और ठाकुरबाड़ी रोड की हालत भी कम खराब नहीं है। इन इलाकों में भी लगातार कई दिनों से कचरा नहीं उठाया गया है। बारिश और गर्मी के कारण कचरा सड़ रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई कर्मियों की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। कागजों में सफाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में हालात बदतर होते जा रहे हैं.
पंपुकल चौक निवासी राकेश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर महीने सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन तीन दिनों से कचरा नहीं उठने के कारण यहां खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने नगर परिषद से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है। पुरानी स्टेशन रोड के मुकेश प्रसाद ने बताया कि कचरे से उठ रही बदबू और गंदगी के कारण दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कचरा नहीं हटाया गया तो संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से तुरंत सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक नियमित रूप से कचरा उठाव और निगरानी नहीं होगी, तब तक शहर को साफ रखने का दावा सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह जाएगा।
भईया जी की रिपोर्ट