नवादा : इबोला वायरस के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। 5 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को गहन स्वास्थ्य निगरानी में रखा गया है। 3 यात्रियों की निगरानी की अवधि पूरी हो चुकी है और वे स्वस्थ हैं। शेष 2 यात्रियों पर भी निगरानी जारी है। प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारी इसकी देखरेख कर रहे हैं।
इबोला वायरस के प्रकोप को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में है। मुख्य रूप से अफ्रीका और खाड़ी देशों जैसे विदेशों से लौट रहे जिले के कुल 05 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इबोला गाइडलाइंस के तहत गहन मेडिकल सर्विलांस अर्थात स्वास्थ्य निगरानी पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी एडवायजरी के बाद यह सतर्कता बरती जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार चौधरी एवं एसीएमओ/डीएसओ डॉ. आफताब कलीम की निगरानी में जारी अभियान की देखरेख कर रहीं आईडीएसपी प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. तहमीम जहां ने बताया कि इन 05 में से 03 यात्रियों की अनिवार्य 21 दिनों की सर्विलांस अवधि सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। ये तीनों यात्री पूरी तरह स्वस्थ, फिट और लक्षण-मुक्त पाए गए हैं। वहीं, शेष 02 अंतरराष्ट्रीय यात्री वर्तमान में जिला स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से उनके स्वास्थ्य स्थिति का दैनिक फॉलो-अप लिया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने निर्देश पर सभी जिलों में सतर्कता बरती जा रही है।
डॉ. तहमीम जहां ने बताया कि इबोला प्रभावित देशों, जैसे कांगो, युगांडा आदि तथा अंतरराष्ट्रीय मार्गों से यात्रा कर बिहार लौटने वाले सभी लोगों की 21 दिनों तक लगातार ट्रैकिंग और स्वास्थ्य निगरानी अनिवार्य की गई है। इसी आदेश के आलोक में सिविल सर्जन डॉ. विनोद प्रसाद, एसीएमओ/डीएसओ डॉ. आफताब कलीम तथा आईडीएसपी प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. तहमीम जहां की देखरेख में जिला सर्वक्षण इकाई द्वारा संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों और क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को रोजाना मॉनिटरिंग के लिए टैग किया गया है। वहीं आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन ऐसे यात्रियों के स्वास्थ्य स्थिति का अपडेट किया जा रहा है।
आईडीएसपी प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. तहमीम जहां ने बताया कि विदेश से आने वाले सभी यात्रियों की जानकारी प्राप्त होते ही हमारी टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है। संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को रोजाना यात्री के स्वास्थ्य और शरीर के तापमान पर नजर रखने के निर्देश दिए जाते हैं। जिन 03 यात्रियों का 21 दिनों का इंक्यूबेशन पीरियड पूरा हो गया है, उनमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं मिले हैं और वे पूरी तरह फिट हैं। शेष 02 यात्रियों पर नियमित नजर रखी जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. विनोद प्रसाद एवं एसीएमओ/डीएसओ डॉ. आफताब कलीम ने संयुक्त रूप से बताया कि जिले में इबोला या किसी भी संक्रामक बीमारी को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। सदर अस्पताल और जिला सर्वक्षण इकाई पूरी तरह मुस्तैद है तथा एसओपी के अनुसार आइसोलेशन वार्ड और रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई व्यक्ति हाल ही में विदेश यात्रा से लौटा हो तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला सर्वक्षण इकाई को दें।
जिला सर्वक्षण इकाई द्वारा ट्रैकिंग किए गए विदेश से आए सभी 05 यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अकबरपुर के देवरा रजहत निवासी 36 वर्षीय मोहम्मद शहंशाह आलम कॉन्गो व केन्या से मुंबई होते हुए 25 मई को अपने गांव पहुंचे थे, जिसके बाद उन पर निगरानी शुरू हुई। हिसुआ के हदसा निवासी 38 वर्षीय मिथिलेश कुमार युगांडा से दिल्ली और फिर 10 मई को गांव पहुंचे। सिरदला के ढाब निवासी 41 वर्षीय वीरेंद्र चौधरी कांगो से मुंबई होते हुए 04 जुलाई को अपने गांव पहुंचे।
यह तीनों 21 दिनों की सर्विलांस अवधि 25 जुलाई तक पूर्ण कर चुके हैं और पूरी तरह स्वस्थ पाए गए हैं। जबकि, रजौली बहादुरपुर निवासी 20 वर्षीय उपेंद्र कुमार रास अल खैमाह (यूएई) से मुंबई होते हुए 20 जुलाई को घर पहुंचे। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में 10 अगस्त तक रहेंगे। साथ ही, रजौली के अंधरबारी निवासी 29 वर्षीय पिंटू कुमार रास अल खैमाह (यूएई) से मुंबई होते हुए 20 जुलाई को घर पहुंचे। यह भी वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। इनका 10 अगस्त तक फॉलो-अप जारी रहेगा।
भईया जी की रिपोर्ट