नवादा : जिले में खरीफ फसल के मुख्य आधार धान की खेती पर इस बार मानसून की बेरुखी का साया बुरी तरह से मंडरा रहा है। खरीफ सीजन के दो सबसे महत्वपूर्ण महीनों जून और जुलाई में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। इसके कारण खेतों में नमी की भारी कमी हो गई है और धान की रोपनी को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।
पानी के अभाव में किसान निजी बोरिंग और पम्पसेट के सहारे किसी तरह बिचड़ा बचाने तथा रोपनी करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी लागत लगातार बढ़ रही है। इधर, अभी तक के मौसम पूर्वानुमान में जिले में बारिश की स्थिति बहुत बेहतर नहीं रहने की स्थिति बन रही है, जो किसानों की परेशानी बढ़ाने वाला साबित होगा। जुलाई महीने समाप्त होने में मात्र तीन दिन शेष हैं और किसानों को झमाझम बारिश का इंतजार है।
भईया जी की रिपोर्ट