नवादा : जिले के पकरीबरावां प्रखंड मुख्यालय बाजार के वारिसलीगंज मोड़ के समीप उच्च विद्यालय छात्रावास को कब्जामुक्त कराने की मांग को ले डाकबंगला परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कमलेश कुमार ने की। बैठक में सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। बैठक में वर्षों से छात्रावास पर कथित कब्जे के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अविलंब खाली कराकर शिक्षा विभाग को सौंपने की मांग की गई।
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि छात्रावास का निर्माण विद्यार्थियों के रहने और उनकी शैक्षणिक सुविधा के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन विगत लगभग तीन दशक से इस पर कब्जा रहने के कारण इसका लाभ छात्रों को नहीं मिल पा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी संपत्ति का इस प्रकार लंबे समय तक उपयोग नहीं हो पाना शिक्षा व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर छात्रावास को कब्जामुक्त नहीं कराता है तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत रोड मार्च, धरना-प्रदर्शन, जिला समाहरणालय का घेराव तथा आवश्यकता पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन चलाया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए है।
आंदोलन को संगठित एवं प्रभावी बनाने के लिए 15 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया गया। समिति छात्रावास को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई पर लगातार नजर रखेगी तथा समय-समय पर आम लोगों को इसकी जानकारी देगी। अध्यक्षता कर रहे कमलेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में पहले ही सांसद एवं जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जाएगा। यदि अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो पूर्व निर्धारित रणनीति के अनुसार आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक छात्रावास पूरी तरह कब्जामुक्त होकर शिक्षा विभाग को नहीं सौंप दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गठित निगरानी समिति में परमेश्वर मंडल, शिव दास, गल्ला व्यवसायी संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र साव, भाजपा नेता सुदामा चौहान, परमानंद शर्मा, जयप्रकाश यादव, दिनेश प्रसाद यादव, निरंजन सिंह, दिलीप कुमार रंजन, देवेंद्र शर्मा, बीपीन कुमार, सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार, उदय उपाध्याय सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है। बैठक के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि लगभग तीन दशक से छात्रावास पर कब्जा रहने के कारण हजारों छात्र-छात्राएं इसकी सुविधा से वंचित हैं। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए छात्रावास को कब्जामुक्त कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई करती है।
भईया जी की रिपोर्ट