नवादा : जिले के बैंकिंग क्षेत्र में इन दिनों छोटे नोटों और सिक्कों की आपूर्ति में कमी से बैंकिंग में आंशिक बाधा आ रही है। हालांकि, कैश की उपलब्धता को लेकर स्थिति काफी हद तक सामान्य बनी हुई है। जिले के बैंकों में नकदी की कोई गंभीर किल्लत नहीं है और ग्राहकों की मांग के अनुसार कमोबेश पर्याप्त कैश मिल रहा है। हालांकि, बड़े नोटों की उपलब्धता के बीच दैनिक लेनदेन के लिए बेहद जरूरी सिक्के और कम मूल्यवर्ग के नोटों की आपूर्ति आवश्यकता से काफी कम हो रही है, जिससे आम जनता और छोटे कारोबारियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के बैंकों में कैश संकट गहराया, मांग के अनुरूप नहीं मिल रहे रुपए
जिले में सिक्कों और छोटे मूल्य के नोटों की कमी संबंधी जानकारी देते हुए ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन की जिला इकाई के जिला महासचिव सौरव रंजन ने कहा कि ग्राहकों की दिन-प्रतिदिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार में सिक्कों और छोटे नोटों का पर्याप्त प्रवाह होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले के बैंकों में नकदी की ऐसी कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। मांग के अनुसार बैंकों को कैश मिल रहा है। हालांकि, ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सिक्के और कम मूल्यवर्ग के नोट कम हैं।
रिजर्व बैंक व अधिकृत बैंकों को सिक्का वेंडिंग मशीन जैसी व्यवस्था सुनिश्चित कर नए छोटे नोट पर्याप्त मात्रा में प्रचलन में लाने चाहिए। सौरभ रंजन ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया या उसके एजेंट के रूप में कार्य करने वाले अधिकृत बैंकों को इस दिशा में तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। यदि प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और बैंक शाखाओं में सिक्का वेंडिंग मशीनें लगा दी जाएं, तो आम लोगों और व्यापारियों को खुदरा पैसों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आजकल डिजिटल लेनदेन के कारण बहुत परेशानी जैसी स्थिति नहीं रह गयी है।
बैंकों की स्थिति
सिक्कों से छोटे नोटों की कमी पूरा करने का प्रयास दूसरी तरफ, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजय कुमार ने जिले की वर्तमान बैंकिंग और नकदी की उपलब्धता की स्थिति पर बताया कि नवादा में कैश का कोई संकट नहीं है। बैंकों को उनकी मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध कराई जा रही है। छोटे नोटों की आंशिक कमी पर बात करते हुए एलडीएम संजय कुमार ने कहा कि जिले में मांग के अनुरूप पर्याप्त कैश उपलब्ध हो रहा है। छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की जो थोड़ी-बहुत कमी महसूस की जा रही है, उसे सिक्कों के माध्यम से पाटने की लगातार कोशिश की जा रही है।
वैसे भी, डिजिटल लेनदेन के इस दौर में अब कैश की कमी जैसी कोई बड़ी समस्या नहीं रह गई है। एलडीएम ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल पेमेंट के तहत यूपीआई, नेट बैंकिंग और कार्ड्स के बढ़ते इस्तेमाल ने नकदी पर निर्भरता को काफी हद तक कम कर दिया है। आज हर छोटा-बड़ा व्यापारी और आम ग्राहक डिजिटल माध्यमों से भुगतान करना पसंद कर रहा है, जिसके कारण कैश संकट जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो पाती।
कहते हैं अधिकारी
ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे खुदरा बाजारों में आज भी नकदी का अपना महत्व है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि बैंक प्रशासन जल्द ही सिक्का वेंडिंग मशीनों की व्यवस्था और नए छोटे नोटों का प्रवाह बढ़ाकर इस समस्या का पूरी तरह से समाधान कर लेगा। एलडीएम संजय कुमार का कहना है कि डिजिटल लेनदेन पर बढ़ी निर्भरता के बीच सिक्कों व छोटे नोटों की अनिवार्यता को नकारा नहीं जा सकता। इसलिए इसकी निरंतर उपलब्धता को लेकर भी बैंकों का विशेष ध्यान रहता है। सामान्य रूप से ग्राहकों को वर्तमान में कोई बड़ी परेशानी नहीं है।
भईया जी की रिपोर्ट