-4.05 फीट के बच्चे के लिए क़ोई शुल्क नहीं
नवादा : जिले का ऐतिहासिक शीतल ककोलत जलप्रपात अब बारिश के दिनों में भी बंद नहीं करना पड़ेगा। पानी, मलबा व पत्थरों को बाहर निकालने की व्यवस्था कर ली गयी है। इसके लिए ककोलत में सुरक्षा दीवार व कैनाल का निर्माण कराया गया है। ककोलत में 12.5 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया है। 8 फीट जमीन के नीचे व 4.5 फीट दीवार ऊपर होगी। जिससे ककोलत के कुंड के ऊपर से गिरने वाला तेज पानी, मलबा व पत्थर ककोलत के बाहर-बाहर से निकल जाएगा। इसके नीचे 200 फीट लंबा और 20 फीट चौड़ा ओपन कैनाल बनाया गया है। जिससे पानी आसानी से बाहर निकल जाएगा। इसके निर्माण का उद्देश्य ककोलत परिसर में पानी का जमाव रोकना है।
आरंभिक चरण में यह अपने उद्देश्यों को पूरा करने में कामयाब रहा है। हाल के दिनों में हो रही बारिश में ककोलत परिसर में पानी का जमाव नहीं हो रहा है और पानी आसानी से बाहर निकल जा रहा है। दोनों का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। इसे फाइनल टच दिया जा रहा है। ककोलत के प्रवेश शुल्क व पार्किंग की दरों में संशोधन किया गया है। नई दरें 22 जुलाई से अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी। ककोलत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग आ सकते हैं। यहां किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। फेक वीडियो वायरल कर ककोलत को बदनाम करने की साजिश की जाती है। लोग आराम से आ सकते हैं व ककोलत के खूबसूरत दृश्यों व झरने का आनंद उठा सकते हैं। ककोलत बारिश के दिनों में अब बंद नहीं होगा। पानी के निकास की सुरक्षित व्यवस्था कर ली गयी है।
— श्रेष्ठ कृष्णा, वन प्रमंडल पदाधिकारी नवादा
पिक सीजन में ककोलत में बढ़ती भीड़ के आलोक में जिला प्रशासन की पहल पर प्रवेश शुल्क व पार्किंग की दरें काफी बढ़ा दी गयी थीं। प्रशासन का उद्देश्य तब ककोलत में बढ़ती भीड़ को रोकना था। हालांकि इसका विभिन्न स्तरों पर व्यापक विरोध हुआ। जिसके बाद दरें कम की गयीं। परंतु उसे संशोधित करने की लगातार मांग की जा रही थी।
-4.5 फीट से कम लंबाई वाले बच्चों के लिए ककोलत में प्रवेश सभी दिन नि:शुल्क होगा।
यह दर सप्ताह के चार दिनों (सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार) के लिए प्रभावी होगा सूबे के कश्मीर के रूप में चर्चित जिले के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल ककोलत की नैसर्गिक वादियों व झरने के शीतल जल में नहाने का लुत्फ उठाने वाले सैलानियों के लिए एक अच्छी खबर है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने ककोलत की दरों में संशोधन किया है। वन प्रमंडल पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक अब ककोलत में प्रवेश के लिए सैलानियों को महज 20 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से भुगतान करना होगा।
यह दर सप्ताह के चार दिनों (सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार) के लिए प्रभावी होगा। जबकि वीकेंड यानि शनिवार व रविवार को प्रवेश शुल्क के रूप में 50 रुपये मात्र भुगतान करना होगा। मंगलवार को ककोलत बंद रहता है। 4.5 फीट से कम लंबाई वाले बच्चों के लिए ककोलत में प्रवेश सभी दिन नि:शुल्क होगा। वहीं ककोलत में पार्किंग की दरें भी संशोधित की गयी हैं। दोपहिया वाहनों के लिए 20, तिपहिया के लिए 30, चौपहिया वाहनों के लिए 50 व भारी वाहनों के लिए अब लोगों को 100 रुपये मात्र भुगतान करना होगा। नई दरें 22 जुलाई से अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी। वर्तमान में ककोलत में प्रवेश का शुल्क प्रति दिन 100 रुपये है। जबकि पार्किंग के लिए दोपहिया वाहनों को 100, तिपहिया वाहनों को 150, चौपहिया वाहनों को 200 व भारी वाहनों को 500 रुपये देना पड़ रहा है।
साढ़े तीन करोड़ की आयी है निर्माण पर: लागत
ककोलत में सुरक्षा दीवार व कैनाल के निर्माण पर करीब साढ़ तीन करोड़ रुपये की लागत आयी है। इसके निर्माण के दौरान ककोलत की खबसूरती अथवा बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंच सके, इसका ख्याल रखा गया है। इसके अलावा ककोलत में वेंडिंग जोन में दुकानों के आगे 60 शेड का निर्माण कराया जा रहा है ताकि पर्यटक वेंडिंग जोन में आसानी से जा सकें और धूप, गर्मी अथवा सर्दियों सभी मौसम में प्रकृति का आनंद उठा सकें। साथ ही शेड के लगने से दुकानदारों को भी राहत मिलेगी। शेड नहीं रहने से दुकानदार वेंडिंग जोन में दुकानों के आगे पंडाल देते हैं जिससे न सिर्फ वेंडिंग जोन की खूबसूरती बिगड़ जाती है। बल्कि पर्यटकों को भी वहां आने व खरीदारी करने में फजीहत होती है।
भईया जी की रिपोर्ट