नवादा : 13 जुलाई से 130 दिनों के लिए शादी-विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। गुरु के वृद्ध होने और चातुर्मास शुरू होने के कारण अब 20 नवंबर को तुलसी विवाह के बाद ही शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। इसका असर बाजारों और धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। अधिक मास समाप्त होने के बाद 16 जून से शुरू हुए मांगलिक कार्यों का सिलसिला थम गया। अब 13 जुलाई से शादी-विवाह, गृह प्रवेश सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है।
गुरु के वृद्ध होने तथा 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होने के कारण अगले चार माह तक शहनाइयों की गूंज सुनाई नहीं देगी। 12 जुलाई इस वर्ष का अंतिम मांगलिक दिन था। 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही गुरु के वृद्ध होने के कारण मांगलिक कार्यों का अभाव रहेगा। उन्होंने बताया कि 25 जुलाई से 19 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा। इसके बाद 20 नवंबर को तुलसी विवाह के साथ पुनः मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी।
मांगलिक कार्यों पर विराम लगने का जिले के प्रमुख बाजारों और धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। थोक किराना मंडी, पुरानी गोदाम, माली टोला का फूल-माला बाजार, कपड़ा दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। मंदिर के सामने स्थित विवाह के लिए प्रसिद्ध धर्मशाला और आसपास का क्षेत्र सूना नजर आने लगा है।
चातुर्मास समाप्त होने के बाद 20 नवंबर को तुलसी विवाह के साथ एक बार फिर शादी-विवाह और अन्य शुभ कार्य शुरू होंगे। इसके बाद 16 दिसंबर से खरमास शुरू होने के कारण मांगलिक कार्यों पर फिर विराम लग जाएगा।
भविष्य के मांगलिक मुहूर्त
नवंबर : 20, 21, 24, 25 और 26 नवंबर
दिसंबर : 2, 5, 9, 10, 11 और 12 दिसंबर।