नवादा : जिले के रजौली थाना क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को नौकरी का झांसा देकर अपहरण करने और फिरौती मांगने वाले एक गिरोह का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि गिरोह की महिला सदस्य घर-घर जाकर हजारीबाग में सर्फ पैकिंग के काम और अच्छी कमाई का लालच देती थीं। इसके बाद किशोरियों को अपने साथ ले जाकर बंधक बनाया जाता था और परिजनों से 80 हजार रुपये तक की फिरौती मांगी जाती थी। गिरोह के चंगुल से मुक्त एक युवती करीब 20 दिन बाद परिजनों और एक मोबाइल दुकानदार की सूझबूझ से मुक्त होकर घर लौटी।
पीड़ित परिवार के अनुसार करीब 25 दिन पहले सिरदला थाना क्षेत्र की एक युवती उनकी बेटी की सहेली बनकर घर पहुंची और हजारीबाग के रसूलीगंज में सर्फ पैकिंग के काम का लालच दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। दिव्यांग मां, वृद्ध पिता और छह बेटियों वाले इस परिवार का गुजारा जंगल से ढिबरा चुनकर होता है। परिजनों की असहमति के बावजूद युवती उनकी बेटी को अपने साथ ले गयी। पीड़िता ने बताया कि हजारीबाग पहुंचने के कुछ दिनों बाद उसे बंधक बना लिया गया। बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई और बाद में परिजनों से फोन कर 80 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई। इसी बीच मोबाइल ठीक कराने के बहाने बाजार जाने का मौका मिला, जहां उसने एक मोबाइल दुकानदार को पूरी आपबीती बताई।
दुकानदार ने सूझबूझ दिखाते हुए गिरोह की महिलाओं को मोबाइल बनने में समय लगने का बहाना बनाकर रोके रखा। इस दौरान सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और युवती को अपने साथ वापस ले आए। पीड़िता ने दावा किया कि जिस स्थान पर उसे रखा गया था, वहां करीब 20 लड़कियां थीं, जिनमें से सात किसी तरह भाग निकलने में सफल हुई। बताया कि गया जिले की एक अन्य युवती भी उसके साथ चलने की गुहार लगा रही थी, लेकिन पुलिस कार्रवाई के डर से उसे साथ नहीं लाया जा सका। परिजनों का कहना है कि यदि मोबाइल दुकानदार समय पर मदद नहीं करता तो उनकी बेटी को कहीं बेच दिया जाता। हालांकि लोक-लज्जा के कारण परिवार फिलहाल थाने में आवेदन देने से बच रहा है।
इस संबंध में रजौली थानाध्यक्ष रणजीत कुमार ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार आवेदन देता है तो मामले की जांच कर गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर बेटियों को बाहर काम पर न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल थाने को दें।
भईया जी की रिपोर्ट