-आरोपों की जांच कौन करेगा साहब ?
नवादा : जिले के सिरदला प्रखंड बड़गांव पंचायत अमोखरी पीडीएस विक्रेता विरेन्द्र सिंह की अनुज्ञप्ति रजौली एसडीएम द्वारा रद्द कर दी गयी। अपने तीन पृष्ठों के आदेश में लगाये गये आरोपों का जिक्र तो किया लेकिन विक्रेता द्वारा स्पष्टीकरण के जबाव में अधिकारियों व कर्मचारियों सहित पूरे विभाग पर लगाये गये करोड़ों रुपए गबन एवं फर्जीवाड़ा के गंभीर आरोपों का जिक्र नहीं किया गया। ऐसा कर इसके लिए जबावदेह अधिकारियों व कर्मचारियों को बचाने का हरसंभव प्रयास किया गया।
वैसे आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल द्वारा लगाये गये आरोपों की पुष्टि तो हुई लेकिन सिर्फ और सिर्फ अनुज्ञप्ति रद्द कर देना समस्या का समाधान नहीं हो सकता। आवश्यकता फर्जी तरीके से उठाये गये खाद्यान्न की वसूली के साथ धोखाधड़ी मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या सिर्फ अनुज्ञप्ति रद्द कर दिये जाने से समस्या का समाधान हो गया? क्या इस फर्जिबाड़े के लिए आपूर्ति से जुड़े अधिकारी जिम्मेदार नहीं? बहरहाल मामले की और बृहद जांच व कार्रवाई की आवश्यकता है। फिलहाल एक मामले में लिपापोती भले ही की गयी हो लेकिन इस गंभीर आपराधिक मामले में अभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों परऔर कार्रवाई बाकी है तथा प्रकार के अभी और कई मामले हैं जिसका खुलासा जल्द किया जायेगा।
भईया जी की रिपोर्ट