– समाहर्ता ने किया सम्मानित
नवादा : जिले में एक ऐसे भी शिक्षक हैं जिनके उत्कृष्ट कार्यों की चहुओर चर्चा हो रही है। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए समाहर्ता ने सम्मानित कर उनके हौसले को उंची उड़ान दी है। जी हां! यहां हम चर्चा कर रहे हैं रविंद्र कुमार शिक्षक प्राथमिक शिक्षक उत्क्रमित मध्य विद्यालय बभनौर की। वर्ष 2007 अर्थात पिछले 19 वर्षों से शिक्षा की सेवा से जुड़े हैं। कहते हैं मेरे लिए शिक्षण नौकरी नहीं, जीवन का मिशन है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि एक शिक्षक कक्षा की चारदीवारी में नहीं, बल्कि बच्चे के भविष्य की नींव में काम करता है।
रविंद्र कुमार ने एक ऐसे परिवार में शिक्षा की दीप जलाई है जहां दूर-दूर तक नह शिक्षा थी और ना ही शिक्षा के प्रति कोई आकर्षण। जिसे चुनौती स्वरूप रविंद्र कुमार शिक्षक ने अनुसूचित जनजाति की एक छात्रा मुनिता कुमारी ( 8वर्ष ) पिता अनिल उरांव को शैक्षिक गोद लेकर वर्ष 2012 से पढ़ा रहे हैं। मुनिता अब उच्च शिक्षा (स्नातक) प्राप्त कर रही है। मुनिता जब मैट्रिक परीक्षा प्रथम स्थान से उत्तीर्ण की थी तव यह खवर गांव में चर्चा का विषय बन गया था। गांव की एकमात्र वैसी छात्रा थी जो फर्स्ट डिवीजन से पास की।
जिन नन्हे हाथों में कलम और किताब होना चाहिए था उनके हांथो में हसुआ , माथे पर जलावन का ढोना ,छोटे-छोटे भाई बहन को संभालना ,खेतों पर खाना पहुंचाना इत्यादि उसके नियमित कार्य थे। बभनौर के शिक्षक रवींद्र कुमार की नजर जब उस बच्ची पर पड़ी तो उन्होंने 2 अक्टूबर 12 को यह संकल्प लिया कि इस अशिक्षित परिवार की लाडली को शिक्षित ही नहीं बल्कि उसे उच्च शिक्षा दिलाऊंगा।
गांधी जयंती के मौके पर बभनौर के मुखिया रवि रौशन के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों को साक्षी मानकर मैंने यह संकल्प लिया कि इस बच्ची को अपनी बेटी की तरह सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करूंगा। अपने खर्चे पर पढ़ाऊंगा पढ़ने का सिलसिला आज भी जारी है। इस कार्य की प्रशंसा प्रखंड विकास पदाधिकारी, सीओ नरहट मुखिया रवि रोशन सरपंच,प्रधानाध्यापक , विधायक सहित ग्रामीणों ने इनके कार्यों की प्रशंसा की ।
उपलब्धि और सम्मान
रविंद्र कुमार को विभिन्न मंचों पर दर्जनों बार न केवल सम्मानित किया गया बल्कि इन नवाचारों को कई स्तर पर सराहा गया।
2012 में प्रखंड स्तर पर “इनोवेटिव टीचर अवार्ड”
2023 में शिक्षक दिवस के मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा “श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान” प्राप्त हुआ। बिहार दिवस के मौके पर डीएम रवि प्रकाश ने उत्कृष्ट शिक्षा शिक्षक सम्मान 2026 से नवाजा। ये दूसरे शिक्षकों को भी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मेरा दर्शन और आगे का रास्ता
मेरे लिए उत्कृष्ट कार्य का मतलब बड़ा पद या पुरस्कार नहीं है। उत्कृष्ट कार्य वह है जब कक्षा 5 पास किया बच्चा 10 साल बाद मिले और कहे, “सर, आपने जो पेड़ लगया था, मैं आज भी उसे पानी देता हूँ”। या जब कोई माँ कहे, “मास्टर जी, मेरी बेटी अब देर रात तक किताब पढ़ती है”। आगे मेरा लक्ष्य है कि हर बच्चा “अच्छा इंसान” बने। इसके लिए मैं अक्षर प्रेरणादाई कहानी सुनाता हूं।
किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी
शिक्षा का असली प्रमाणपत्र तब मिलता है जब समाज आपको अपना मान ले। मुझे गर्व है कि बच्चे हमारा गाँव और “हमारा स्कूल” कहता है तथा मंदिर मानता है। यही मेरी 19 साल की तपस्या का सबसे बड़ा पुरस्कार है। शिक्षक का काम कभी खत्म नहीं होता। हर नया दिन एक नया सवाल, एक नई उम्मीद लेकर आता है। और मैं हर दिन उसी ऊर्जा के साथ कक्षा में जाता हूँ, जैसे यह मेरा पहला दिन हो। क्योंकि बच्चों की आँखों में चमक ही मेरा वेतन , मेरा सम्मान , और मेरा उत्कृष्ट कार्य है।
भईया जी की रिपोर्ट