भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसमें पुलिस के दावे को झुठलाते हुए परिवार का दावा सही पाया गया। भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया है कि पुलिस ने उसे तीन नहीं, बल्कि पांच गोलियां मारी थी। इसमें से चौथी गोली दाहिनी जांघ में बाहरी हिस्से से अंदर की ओर गई और उसके प्राइवेट पार्ट को डैमेज कर गई। इसके अलावा, पांचवीं गोली भरत तिवारी के बाएं पैर के मध्य भाग में पीछे की तरफ से लगी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, भरत के शरीर में एक या दो नहीं बल्कि कुल पांच गोलियां लगी थीं। गोलियों के घुसने और निकलने के निशान उनकी जांघों से लेकर पैरों के पिछले हिस्से तक पाए गए। भरत तिवारी की बहन शुरू से ही यह दावा कर रही थी कि पुलिस ने उसके भाई को 5 गोलियां मारी थी।
भरत तिवारी को कहां- कहां लगी गोली
भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि पहली गोली भरत भूषण तिवारी की बाईं जांघ के ऊपरी अगले हिस्से में लगी, जबकि दूसरी गोली बाईं जांघ के अंदरूनी मध्य भाग को भेदते हुए उनके शरीर के अंदर ही फंस गई। इसके बाद, तीसरी गोली उनकी दाईं जांघ के अंदरूनी मध्य भाग में लगी और चौथी गोली उनकी दाईं जांघ के बाहरी हिस्से के अंदरूनी क्षेत्र में लगी। इन सबमें सबसे संदेहास्पद और चौंकाने वाली पांचवीं गोली रही, जो भरत भूषण की बाईं टांग के पिछले मध्य हिस्से यानी पैर के पीछे की तरफ लगी थी, इस बात ने आमने-सामने की मुठभेड़ की थ्योरी पर शक पैदा कर दिया है और पूरी घटना को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है।
17 जून को हुआ था एनकाउंटर
भरत तिवारी का एनकाउंटर 17 जून को हुआ था। उस दिन सुबह 6 बजे एसटीएफ और पुलिस टीम चौथी बार भरत भूषण तिवारी के घर पहुंची थी और भरत ने छत से 2 राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद सुबह 8:30 बजे भरत ने बिलौटी गांव में पुलिस की गाड़ियों का वीडियो बनाया और 8:40 बजे एक लाइव वीडियो में अपनी मांगें रखते हुए पिस्तौल पुलिस के सामने नीचे फेंक दी। लेकिन ठीक 5 मिनट बाद, सुबह 8:45 बजे पुलिस ने कथित जवाबी कार्रवाई में भरत के पैरों में ताबड़तोड़ गोलियां मार दीं। सुबह 10 बजे पुलिस उसे शाहपुर अस्पताल ले गई, जहां से गंभीर हालत में उसे पटना रेफर किया गया और वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।