अरवल – पुलिस अधीक्षक, अरवल की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार, अरवल में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, थानाध्यक्ष, शाखा प्रभारी एवं अन्य संबंधित पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, कांडों के निष्पादन, अनुसंधान की प्रगति एवं पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
पुलिस अधीक्षक, अरवल द्वारा सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने तथा अपराधियों में पुलिस का भय स्थापित करने हेतु नियमित गश्ती, वाहन जांच एवं संवेदनशील एवं अपराध प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। प्रातःकालीन, मध्याह्न, संध्याकालीन एवं रात्रिकालीन गश्ती को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक, अरवल द्वारा सभी अनुसंधानकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। गंभीर एवं सनसनीखेज कांडों के त्वरित उद्भेदन, लंबित कांडों के निष्पादन, आरोप पत्र समर्पण एवं स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। साथ ही न्यायालय से निर्गत लंबित वारंट, इश्तहार एवं कुर्की के निष्पादन में तेजी लाने तथा फरार एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जेल से छूटे अपराधियों, सक्रिय अपराधियों, शराब तस्करों, भू-माफियाओं, एनडीपीएस एक्ट के आरोपितों, लूट, डकैती, चोरी एवं अन्य संगठित अपराधों में संलिप्त अपराधियों पर सतत निगरानी रखने तथा उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अपराधियों द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर संबंधित विधिक प्रावधानों के तहत जब्तीकरण एवं कुर्की की कार्रवाई में तेजी लाने पर बल दिया गया। गोष्ठी में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी के मामलों के त्वरित निष्पादन की समीक्षा की गई। आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने तथा साइबर अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त मद्यनिषेध अभियान के तहत शराब निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार छापामारी अभियान चलाने एवं कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान डायल-112 सेवा, सीसीटीएनएस प्रणाली, तकनीकी अनुसंधान, अपराध एवं अपराधियों के डिजिटल डाटा संधारण तथा अन्य तकनीकी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी पदाधिकारियों को तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अनुसंधान एवं अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने भूमि विवाद से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन, जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान, साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक, अरवल ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को कानून-व्यवस्था के प्रभावी संधारण, अपराध नियंत्रण एवं जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु पूरी प्रतिबद्धता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट