अरवल : मालूम हो कि 13 जुलाई को हैबतपुर के अनिल सिंह उर्फ टुनटुन महतो, चंद्र विलास महतो एवं राधा कृष्ण चंद्रवंशी वलिदाद लॉक पर से ताड़ी पीकर के घर अपना हैबतपुर आ रहे थे। इसी बीच लॉक पर आबकारी विभाग के पदाधिकारी एवं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा तीनों को गिरफ्तार किया गया। जैसा की अन्य दो चंद्र विलास महतो एवं राधा कृष्ण चंद्रवंशी का कहना है की उन्हें पिटाई की गई और तीनों को उत्पाद विभाग के हाजत में बंद कर दिया गया।
जब अनिल सिंह उर्फ टुनटुन महतो को छाती में दर्द होने लगा और सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी एवं पदाधिकारी को अस्पताल ले जाने के लिए निवेदन करने लगे। तीनों लोग गिड़गिड़ाते रहे, अनिल सिंह की तबीयत ज्यादा खराब हो रही है, इन्हें जल्दी अस्पताल ले जाइए। इलाज करवाइए, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी एक नहीं सुनी। उल्टे गाली-गलौज और मारपीट फिर करने लगे। अंत में अनिल सिंह उर्फ टुनटुन महतो की जान चली गई। खबर मिलते ही सुबह परिजन जब पहुंचे तो रात में ही पुलिसकर्मी अनिल सिंह और टुनटुन महतो के पार्थिव शरीर को अस्पताल पहुंचा दिया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अनिल सिंह के शरीर पर कई घाव के निशान मौजूद
पूर्व विधायक महानंद सिंह ने आरोप लगाया है की अनिल सिंह उर्फ टुनटुन महतो के शरीर के कई जगहों पर पिटाई के ताजा जख्म मौजूद हैं । बांये आंख पर कटा हुआ है और खून बह रहा था। बांये केहुनी पर पिटाई का जख्म है। पीठ एवं गर्दन पर पिटाई का दाग है। इसके अलावे शरीर के कई जगहों पर पिटाई के दाग स्पष्ट दिख रहे हैं। इसलिए पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों एवं पदाधिकारी को हत्या के तहत गिरफ्तार किया जाए मुकदमा चलाया जाए। ताकि दोबारा इस तरह से किसी गरीबों के साथ घटना नहीं कर सके।
भाजपा की नई सरकार में गरीबों पर चौतरफा हमला
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारी खजाना से चुनाव में रुपए बांट कर चुनाव जीती। सरकारी खजाना खाली है। खजाना भरने के लिए भाजपा सरकार का गरीबों से ताड़ी/दारू पीने के आरोप लगाकर पैसा वसूली का धंधा चल रहा है। गरीबों के साथ ही शराब बंदी का कानून शक्ति से लागू किया जाता है। शराब माफिया से सरकार चल रही है भाजपा को फंडिंग करते है। शराब व बालू माफिया ही आज सरकार चला रहे हैं। इसलिए सरकार इन माफियाओं पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटाती। इस लिए गरीबों को ही गिरफ्तार करके जेल में डाला जाता है। सजा दी जाती है और जब न्याय की मांग करते हैं तो सैकड़ो पुलिस तैनात की जाती है पिटाई की जाती है और उन्हें ही झूठे मुकदमा में जेल भेजा जाता है। भाजपा सरकार गरीबों के वोट से बनी है। लेकिन सरकार गरीबों के ऊपर ही बुलडोजर चलाने का काम कर रही है। उन्हें ही हत्या की जा रही है । उन्हीं के घर ढाहे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजगीर, चैती पीपर या अरवल की घटना हो गरीबों के ऊपर ही हमले और पिटाई की जाती है। इसलिए एकजुट होकर न्याय दिलाने तक लड़ाई लड़नी होगी। घोसी में माले ने लड़ाई लड़ा तब पीड़ित परिवारों को झूठे मुकदमा में फंसाए जाने की कार्रवाई पर रोक लगी। आवाज नहीं उठाई जाती तो गोली लगने वाले परिवार को ही जेल जाना होता। इस तरह से अरवल में आवाज उठाना होगा। लड़ाई लड़नी होगी। तभी पीड़ित परिवार को नया मिलेगा। उन्होंने मांग किया की इस घटना में शामिल सभी पदाधिकारी एवं पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाए। उनपर हत्या का मुकदमा चलाया जाए एवं पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा एवं आश्रित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
प्रतिवाद में भारी संख्या में ग्रामीण जुटे। आक्रोशित लोगों ने उत्पाद विभाग के थाना का 7 घंटा घेराव किया। उच्च पदाधिकारी के आने के बाद ही मामला शांत हुआ। घटना स्थल पर भारी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता बुद्धिजीवी एवं भाकपा माले के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। सुबह से ही सुएब आलम उर्फ़ नेताजी आंदोलन का नेतृत्व करते रहे। जबकि प्रखंड सचिव महेंद्र प्रसाद, सूरदयाल चंद्रवंशी, अशोक यादव, रामकुमार सिन्हा , चंद्रभूषण सिंह और मिथिलेश कुमार समेत भारी संख्या में सामाजिक नेता कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट