नवादा : जिले में शिक्षा विभाग का हाल बेहाल है। राशि के अभाव में अधिकांश शिक्षकों को वेतन के लाले पड़े हैं। त्योहारों की शृंखला आरंभ हो चुकी है ऐसे में सभी की आश वेतन पर लगी है और वेतन मिलेगा या नहीं यह सुनिश्चित नहीं है। जहां तक विद्यालयों में एमडीएम की स्थिति है तो उसे भी अच्छी नहीं कही जा सकती।
पिछले पांच महीनों से एमडीएम राशि का भुगतान लम्बीत है। प्रधानाध्यापकों को उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा कितने दिनों तक? उधार देने वाले दुकानदार से लेकर सब्जी-फल व अंडा विक्रेताओं ने अब ना कहना शुरू कर दिया है। फिर वेतन भुगतान की स्थिति भी अच्छी नहीं है जो वेतन की राशि से भुगतान कर एमडीएम को चालू रखा जा सके।
जहां तक एमडीएम बनाने का सवाल है तो उसके लिए की माह पूर्व गैस सिलेंडर जमा कराये जाने के बावजूद विद्यालयों तक गैस सिलेंडर पहुंचाया नहीं जा सका है। लकड़ी मिलती नहीं, फिर सबसे बड़ा सवाल एमडीएम बने तो कैसे? ऐसे में यह कहने में कोई संकोच नहीं की शिक्षा विभाग का हाल बेहाल रहने के कारण कभी भी एमडीएम बंद हो सकता है।
भईया जी की रिपोर्ट
