त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले बिहार में संविदा पर कार्यरत मेडिकल शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों तथा प्रोफेसरों को सम्राट सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने उनके मानदेय में 10 हजार से 27 हजार रुपये प्रति माह तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। सबसे अधिक बढ़ोतरी मेडिकल प्रोफेसरों के मानदेय में की गई है। उनका मानदेय अब 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.07 लाख रुपये प्रति माह हो जाएगा। राज्य सरकार ने पदों के अनुसार इनके वेतन में 10 हजार से लेकर 27 हजार रुपये प्रति माह तक की बढ़ोतरी की है।
प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर को लाभ
बिहार स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, संविदा पर कार्यरत मेडिकल प्रोफेसरों के मानदेय में सबसे अधिक 27 हजार रुपये की वृद्धि की गई है। इस संशोधन के बाद अब प्रोफेसरों को 1.80 लाख रुपये के स्थान पर प्रति माह 2.07 लाख रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में संविदा पर तैनात एसोसिएट प्रोफेसरों के मासिक वेतन में 20 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब उनका मानदेय 1.35 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधा 1.55 लाख रुपये प्रति माह कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से अन्य पदों पर कार्यरत चिकित्सा कर्मियों को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। असिस्टेंट प्रोफेसर के मानदेय में 15 हजार रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे उनका वेतन 1.10 लाख रुपये से बढ़कर 1.25 लाख रुपये प्रति माह हो गया है। वहीं, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और शिक्षकों को अब संशोधित होकर 1.15 लाख रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। इसके अलावा, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का मानदेय 65 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
1 सितंबर से लागू होगा नया मानदेय
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि यह बढ़ा हुआ नया मानदेय आगामी 1 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इसका मतलब है कि संविदा पर कार्य कर रहे सभी मेडिकल शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को इसी महीने से बढ़ी हुई सैलरी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा की रीढ़ को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उनके इसी महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित और प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा लिए गए इस जनहित और कर्मचारी हित के फैसले की जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बयान जारी करते हुए कहा कि मंत्री निशांत कुमार राज्य के हेल्थकेयर सिस्टम को सुदृढ़ करने और आम जनता तक आधुनिक एवं सुलभ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं।