– राजकीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए “निकिता भारती ” का चयन, 5 सितंबर को पटना में होंगी सम्मानित
नवादा : कठिन परिस्थितियों के बीच भी यदि कुछ बेहतर करने का जुनून हो और बच्चों के भविष्य को संवारने का संकल्प दिल में हो, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता की राह नहीं रोक सकती। जिले की शिक्षिका निकिता भारती ने अपने कार्यों से इसी सोच को सच साबित किया है। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवाचारपूर्ण शिक्षण शैली, खेल आधारित गतिविधियों, टीएलएम निर्माण और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए निरंतर प्रयासों के लिए उनका चयन राजकीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को पटना में आयोजित राजकीय समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
“जीतने की जिद हो, वहाँ हार फटकती ही नहीं, मेहनत की राह पर चलने वालों की मंजिल कभी दूर होती नहीं।” नगर के लाइनपार मिर्जापुर निवासी माता मंजू कुमारी एवं पिता अमरेंद्र नारायण वर्मा की पुत्री निकिता भारती ने शिक्षक के रूप में अपनी पहचान केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखी, बल्कि शिक्षा को बच्चों के जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। उनका मानना रहा है कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जो उन्हें रचनात्मक, आत्मनिर्भर, अनुशासित और व्यवहारिक बनाए।
नवाचार बना पहचान
निकिता भारती ने विद्यालय में पढ़ाई को बच्चों के लिए रुचिकर और सरल बनाने के लिए खेल आधारित गतिविधियों, विभिन्न प्रकार के टीएलएम (Teaching Learning Material) रचनात्मक शिक्षण पद्धतियों और अनोखे शिक्षण प्रयोगों को अपनाया। इन प्रयासों से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी और उनकी रचनात्मकता, सहभागिता एवं अनुशासन को भी मजबूती मिली। वर्ष 2015 से 2025 तक नगर मध्य विद्यालय, नवादा में कार्यरत रहने के बाद वर्ष 2025 से वह प्राथमिक विद्यालय शाहपुर नहरपर , नवादा में प्रधान शिक्षिका के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
विद्यालय में योगदान के समय सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास किया। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। विद्यालय के विकास, आधारभूत सुविधाओं में सुधार और विद्यालय के अपने भवन के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, अनुशासन, खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया।
गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया श्रेय
राजकीय शिक्षक सम्मान के लिए चयन की घोषणा के बाद निकिता भारती ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शकों को दिया। उन्होंने कहा कि इंटर विद्यालय आंती, कादिरगंज के शारीरिक शिक्षक एवं राजकीय शिक्षक सम्मान-2024 से सम्मानित संतोष कुमार वर्मा तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय आंती के प्रधानाध्यापक सुमन ग्रे के मार्गदर्शन से उन्हें निरंतर प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी गुरुजनों की उपलब्धि है, जिन्होंने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों के लिए कार्य करने की प्रेरणा देगा।
विद्यालय से लेकर शिक्षा जगत तक खुशी
निकिता भारती के राजकीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए चयन की सूचना मिलते ही विद्यालय परिवार, शिक्षकों और शिक्षा जगत में खुशी की लहर है। नगर मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार, कंप्यूटर शिक्षक साकेत कुमार सहित सैकड़ों शिक्षकों, परिवारजनों एवं सहयोगियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
शिक्षकों का कहना है कि निकिता भारती का चयन उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उन तमाम शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों के भविष्य को गढ़ने में जुटे हैं। एक शिक्षक, जिसने साबित किया कि संसाधन नहीं, संकल्प जरूरी है। निकिता भारती की कहानी उस विश्वास को मजबूत करती है कि किसी विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए केवल बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। जरूरत होती है दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत की।
उन्होंने बच्चों की आंखों में सपने जगाने और उन सपनों को शिक्षा की रोशनी देने का काम किया है। यही कारण है कि उनका राजकीय शिक्षक सम्मान के लिए चयन उनके व्यक्तिगत जीवन की उपलब्धि से कहीं आगे बढ़कर शिक्षा के प्रति समर्पण की पहचान बन गया है।“कदम थक जाएं तो हौसला बढ़ाना, रास्ते कठिन हों तो मंजिल को याद रखना। जो ठान लें जीतने की जिद्द दिल में, उनके सामने हार को भी झुकना पड़ता है।” 5 सितंबर को पटना में मिलने वाला यह सम्मान निकिता भारती की वर्षों की मेहनत, समर्पण और नवाचारपूर्ण कार्यशैली को मिले उस सम्मान की तरह है, जो न केवल एक शिक्षक को गौरवान्वित करता है, बल्कि पूरे नवादा को गौरव का अवसर देता है।
भईया जी की रिपोर्ट