नवादा : सदर अस्पताल प्रसूति विभाग में हर दिन दर्जनों गर्भवती महिलाओं को 30 नॉर्मल डिलीवरी और 16 बेड की सुविधा प्रदान की जा रही है। सभी इलाज निःशुल्क हैं, साथ ही परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श दिया जा रहा है। सदर अस्पताल में प्रतिदिन दर्जनों गर्भवती महिलाओं को सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रतिदिन वर्तमान समय में 25 से 30 महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी कराई जा रही है जबकि 5 से 7 महिलाओं का सिजेरियन किया जा रहा है। सारी सुविधाएं मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सदर अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद होते हैं वहीं प्रसूति विभाग में गर्भवती महिलाओं के लिए 16 बेड उपलब्ध कराया गया है।
सदर अस्पताल प्रशासन के द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए सारी सुविधा उपलब्ध है। प्रसव के लिए नॉर्मल डिलीवरी के साथ-साथ सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। मरीजों को सदर अस्पताल प्रशासन के द्वारा सभी को सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है। प्रसूति विभाग में 24 घंटे डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ के साथ साथ सफाई कर्मी व अन्य कर्मी उपलब्ध होते हैं। सदर अस्पताल में अनेकों तरह की गर्भ निरोधक दवाइयां व जानकारी उपलब्ध करायी जाती है। सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं।
गर्भवती महिलाओं को परिवार नियोजन से संबंधित बातों की जानकारी उपलब्ध करायी जाती है। साथ ही गर्भ निरोधक दवाइयां, माला डी, माला एन, कॉपर, छाया, कंडोम व अन्य प्रकार की बातों की जानकारी उपलब्ध करायी जाती है। परिवार कल्याण सलाहकार शैलेश सिंह ने बताया कि किसी भी तरह की जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं। जीएनएम के रीता कुमारी के द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है।
प्रसूति विभाग में ड्यूटी पर सभी कर्मी मौजूद दिखे। वहीं जिस – जिस बेड पर मरीज थे, उन सभी बेड पर बेडशीट बिछी हुई थी। यह भी देखने को मिला कि वार्ड के अंदर सफाई कर्मी वार्ड के अंदर सभी जगहों पर सफाई करते नजर आये। ड्यूटी के दौरान नर्सिंग स्टॉफ ममता, सुलेखा कुमारी, अनमोला कुमारी, डॉक्टर ललिता के साथ साथ ड्यूटी पर अन्य कर्मी मौजूद थी।
एक ओर जहां प्रसूति विभाग में 24 घंटे, 365 दिन स्वास्थ्य कर्मियों से ड्यूटी करायी जा रही है वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मियों के ड्यूटी रूम में सुविधाओं का अभाव दिखा। ड्यूटी रूम में पंखे तो लगे हैं, पर नाम के। कूलर उपलब्ध है पर रखरखाव नहीं। कर्मियों का कहना था कि हमलोगों को दिन रात ड्यूटी करनी होती है , लेकिन इस गर्मी के मौसम में न तो एसी है और न कोई और पर्याप्त व्यवस्था। गर्मी के कारण काफ़ी दिक्कत होती है।
कहते हैं आंकड़े:-
महीना जन्मे बच्चों की संख्या
अप्रैल 496
मई 521
जून 499
जुलाई 687
अभी तबीयत ठीक नहीं लग रहा है। डॉक्टर दवाई दिये हैं। समय समय पर जांच के लिए भी आते रहते हैं। डॉक्टर बोले हैं कि अभी आपको यहीं रहना है। गुलाबी देवी, पति शैलेन्द्र मांझी। समय-समय पर डॉक्टर जांच के लिए आते रहते हैं। समय-समय पर नाश्ता, खाना और दवाई उपलब्ध करायी जा रही है। बच्चा भी स्वस्थ है। डॉक्टर्स बोले हैं अभी यहीं रहने के लिए। संध्या कुमारी, पति वीरेंद्र कुमार, तारोपुर, नरहट। डिलीवरी के लिए वाइफ को सदर अस्पताल लाया था। नार्मल डिलीवरी हुई है। जच्चा- बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई है। समय पर सभी उपचार हुआ है और आज हमें यहां से छुट्टी मिल गई है।
सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार मरीजों को सुविधाए उपलब्ध कराई जा रही हैं। मरीज को उनके आवश्यकता के अनुसार उनका इलाज किया जाता है। मरीजों के लिए प्रसूति विभाग में ही बेड का इंतजाम किया गया है। वहीं उनके होने वाले नवजात शिशुओं की देखरेख के लिए सारी सुविधा उपलब्ध है। मरीजों की देखरेख के लिए डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टॉफ हमेशा मौजूद रहते हैं. :- डॉ विनोद कुमार चौधरी, सीएस, नवादा:
भईया जी की रिपोर्ट