नवादा : शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा के दौरान शिक्षक साथियों के साथ हुए व्यापक संवाद में समय पर वेतन एवं मानदेय के भुगतान का मुद्दा सबसे प्रमुखता से सामने आया। शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में जुटे हैं, लेकिन वेतन एवं मानदेय में अनावश्यक विलंब उनके लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन जाता है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने दो टूक कहा कि “जो शिक्षक हर दिन बच्चों का भविष्य बनाता है, उसके अपने परिवार का भविष्य वेतन के इंतजार में नहीं अटकना चाहिए। समय पर वेतन और मानदेय देना सरकार की जिम्मेदारी है। इसे किसी भी परिस्थिति में उपकार की तरह नहीं देखा जा सकता।”
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षकों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निश्चित समयसीमा के भीतर भुगतान की गारंटी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक माह वेतन एवं मानदेय का समयबद्ध भुगतान, लंबित भुगतान का अविलंब निपटारा, भुगतान व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही, वेतन विसंगतियों का स्थायी समाधान, वित्त रहित शिक्षकों सहित सभी शिक्षक वर्गों के लिए सम्मानजनक आर्थिक सुरक्षा, समयबद्ध प्रोन्नति एवं सेवा सुरक्षा, समान कार्य के लिए समान वेतन जैसी मांगों पर ठोस पहल आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि “शिक्षक को कमजोर करके मजबूत शिक्षा व्यवस्था नहीं बनाई जा सकती। शिक्षक की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहली शर्त है।” डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा केवल जनसंपर्क अभियान नहीं, बल्कि शिक्षक समाज की समस्याओं को सुनने, समझने और उन्हें प्रभावी मंच तक पहुँचाने का संकल्प है।
इस अभियान में सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग प्रदान करने वाले सम्मानित प्रधानाचार्य एवं शिक्षक साथी मनोज कुमार, मंजय दास, सीमा कुमारी, अरुण कुमार सिन्हा, संजय कुमार, चंदन सिंह, दिलीप शर्मा, राजेश महतो, सौरव तिवारी, रवि पासवान एवं अन्य सम्मानित सहयोगी शामिल रहे। डॉ. दिव्या ज्योति ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक साथियों का विश्वास ही इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
भईया जी की रिपोर्ट