नवादा : पुलिस की त्वरित अनुसंधान प्रणाली और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी एक बार फिर न्यायालय में सफल साबित हुई। अवैध हथियार रखने के मामले में त्वरित अनुसंधान, समयबद्ध चार्जशीट और सशक्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, माननीय सीजेएम ने हिसुआ थाना कांड संख्या-232/2025, दिनांक 01 मई 2025 में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त चुन्नू सरदार उर्फ चुन्नू सिंह, पिता स्वर्गीय उदय सिंह, निवासी मनवां, थाना हिसुआ को दोषसिद्ध पाया।
न्यायालय ने अभियुक्त को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए) के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा 26 के तहत एक वर्ष के कारावास एवं दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन पदाधिकारी रवि प्रकाश ने न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत किया ।न्यायालय ने अनुसंधान के दौरान संकलित तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया। नवादा पुलिस ने इसे त्वरित अनुसंधान और प्रभावी अभियोजन के समन्वय का परिणाम बताया। पुलिस ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध साक्ष्य आधारित कार्रवाई तथा समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने की प्रक्रिया आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।
भईया जी की रिपोर्ट