नवादा : कहते हैं “सच्चाई छुप नहीं सकती, बनावट के उसूलों से, खुश्बू आ नहीं सकती कभी कागज के फूलों से।” कुछ इसी प्रकार की स्थिति जिले के रजौली प्रखंड अमांवा पश्चिमी पंचायत पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान की है। चांदी के बल पर अधिकारियों को लाख अपने पक्ष में करने प्रयास कर लें, लेकिन पीडीएस अनुज्ञप्ति से लेकर वितरण व्यवस्था तक जो कृत्य उन्होंने किया है उससे बच पाना कतई संभव नहीं है।
वैसे पूर्व में भी मैंने कहा था- तरकश में इतने तीर भरे हैं कि अधिकारियों द्वारा लाख बचाने का प्रयास किया जाय बचा पाना संभव नहीं है। अभी फर्जी अनुज्ञप्ति मामले में समाहर्ता द्वारा नियुक्त त्रीसदस्यीय जांच टीम ने भले ही विस्तृत जांच के लिए एकबार फिर समय लेकर फिलहाल जीवनदान दे अगस्त माह का खाद्यान्न का उठाव करने का मौका दे दिया हो, लेकिन एक नयी मुसीबत फिर आन खड़ी हुई है। तरकश का दूसरा तीर निशाने पर लगा है। डीएम ने अंत्योदय राशन कार्ड में जांचोपरांत का कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश रजौली एसडीएम को निर्गत कर दिया है।
डीएम के आदेश के आलोक में जिला आपूर्ति अधिकारी ने रजौली एसडीएम को 29 जुलाई को पत्र निर्गत किया है। अब सबकी निगाहें रजौली एसडीएम की जांच व अग्रेत्तर कार्रवाई पर टिकी है जिसका इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है। बता दें इसके पूर्व इसी मामले में एक माह पूर्व सिरदला प्रखंड बड़गांव पंचायत अमोखरी पीडीएस विक्रेता विरेन्द्र सिंह की अनुज्ञप्ति रद्द कर मनोज सिंह को वितरण की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। ऐसे में थोड़ा इंतजार का मजा लिजिए।
भईया जी की रिपोर्ट