अरवल – जिला पदाधिकारी, अरवल अमृषा बैंस के निर्देशानुसार जिले के अरवल एवं करपी प्रखंड के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर टीएचआर का सफलतापूर्वक वितरण कराया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषाहार उपलब्ध कराया गया। वितरण कार्य को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराया गया, ताकि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पोषण सामग्री समय पर पहुँच सके।
टीएचआर वितरण की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों का सतत अनुश्रवण एवं निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तर से भी वितरण कार्य की निगरानी की गई। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार अरवल एवं करपी प्रखंड के
निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व, बच्चों के समुचित पोषण, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। आंगनवाड़ी सेविकाओं ने पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा कुपोषण की रोकथाम हेतु लाभार्थियों को आवश्यक परामर्श प्रदान किया। इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि शेष कलेर, कुर्था एवं सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंडों में 29जुलाई को टीएचआर (पोषाहार) का वितरण किया गया है। ताकि जिले के सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अंतर्गत संचालित सभी पोषण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पोषण सेवाओं की नियमित निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन से ही स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। जिला प्रशासन, अरवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने, कुपोषण की रोकथाम तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सेवाएँ पहुँचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट