नवादा : सदियों से चली आ रही रूढ़िवादी वर्जनाओं को तोड़ जिले के रोह बाजार में बहू-बेटियों ने अर्थी को कंधा देकर समाज में गैर बराबरी मिटाने का संदेश दिया। रूढ़िवादी वर्जनाओं को तोड़ते हुए समाज को ये संदेश दिया कि परिवार की महिलाएं भी पुरुषों की तरह बराबरी का दर्जा रखती हैं।
बताया जाता है कि वरीय नागरिक संघ के प्रखंड महासचिव जयकृष्ण रावत के निधन के बाद परिवार के पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी अर्थी को कंधा दिया। सबसे पहले दिवंगत की पुत्री सुजाता देवी, विनीता देवी, तनुजा देवी एवं बहू गुड़िया देवी अर्थी को कंधा देकर घर से मुख्य सड़क तक पहुंचीं। महिलाओं द्वारा उठाए गए इस कदम का समाज के हर वर्ग के लोगों ने समर्थन और सहयोग दिया।
घटनाक्रम की अब पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। वहीं लोगों का कहना है कि समाज में गैर बराबरी खत्म होनी चाहिए। क्योंकि, माता-पिता पर बेटा-बेटी दोनों का बराबर हक है। स्वजनों ने बताया कि जयकृष्ण रावत डाक विभाग के उच्च पद से सेवानिवृत्त होने के पश्चात सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया करते थे।
भईया जी की रिपोर्ट