नवादा : जिले के सभी 14 प्रखण्डों में धान रोपनी की स्थिति में सुधार की संभावना जग गई है। जिले में धान का बिचड़ा यानी नर्सरी लगाने का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि बारिश के बाद धान रोपनी ने गति पकड़ ली है। जिले में चालू खरीफ सीजन के दौरान धान की रोपाई की स्थिति बारिश के अभाव में काफी चिंताजनक बनी हुई थी, लेकिन बारिश का साथ मिला तो इसमें धीरे-धीरे तेजी आ रही है। जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 3.68 प्रतिशत धान आच्छादन हो सका है।
जिले में कुल 90,124.15 हेक्टेयर भूमि पर धान रोपाई का लक्ष्य रखा गया था। इसके विरुद्ध अब तक 3,315.45 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई हो सकी है, लेकिन बारिश की लगातार उपलब्धता के कारण किसान अब बस खेतों में ही दिखने लगे हैं, जिससे रोपाई में तेजी संभावित है। धान आच्छादन में जिले के प्रखंडों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। वहां की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऐसा है, लेकिन अब जिले भर के किसान बस एक सूत्री अभियान में जुटे दिख रहे हैं यानी धान की रोपाई में मशगूल हैं।
जिले में मौसम का बदला मिजाज, बारिश दे रहा भरपूर साथ
जिला कृषि पदाधिकारी अजीत प्रकाश ने बताया कि नारदीगंज प्रखंड जिले में सबसे आगे है। यहां 4,868.00 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 805.00 हेक्टेयर (16.54%) में रोपाई पूरी हो चुकी है। इसके बाद दूसरे स्थान पर काशीचक में 13.80% यानी 440 हेक्टेयर तथा तीसरे स्थान पर वारिसलीगंज में 7.97% यानी 688.30 हेक्टेयर में रोपाई हो चुका है। इधर, जिले में मेसकौर प्रखंड की स्थिति सबसे निराशाजनक है। मेसकौर में 4,500.00 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध महज 0.60 हेक्टेयर (0.01%) में ही धान रोपाई हो सकी है। सिरदला प्रखंड में मात्र 0.18% (14.50 हेक्टेयर) और हिसुआ में केवल 0.32% (20.10 हेक्टेयर) ही रोपाई हो पाई है।
किसानों के चेहरे पर राहत की मुस्कान
जिले के सभी 14 प्रखंडों में धान आच्छादन की स्थिति बारिश के साथ के कारण उम्मीदपरक दिख रही है। अकबरपुर प्रखंड में लक्ष्य 9,264.00 हेक्टेयर के विरुद्ध उपलब्धि 105.30 हेक्टेयर (1.14%) है। गोविंदपुर में लक्ष्य 3,697.85 हेक्टेयर और उपलब्धि 26.52 हेक्टेयर (0.72%), हिसुआ में लक्ष्य 6,334.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 20.10 हेक्टेयर (0.32%), काशीचक में लक्ष्य 3,187.80 हेक्टेयर व उपलब्धि 440.00 हेक्टेयर (13.80%), कौआकोल में लक्ष्य 7,704.40 हेक्टेयर व उपलब्धि 70.75 हेक्टेयर (0.92%), मेसकौर में लक्ष्य 4,500.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 0.60 हेक्टेयर (0.01%), नारदीगंज में लक्ष्य 4,868.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 805.00 हेक्टेयर (16.54%), नरहट में लक्ष्य 4,776.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 130.00 हेक्टेयर (2.14%), नवादा सदर में लक्ष्य 8,356.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 459.58 हेक्टेयर (5.50%), पाकरीबरावां में लक्ष्य 7,463.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 443.60 हेक्टेयर (5.94%), रजौली में लक्ष्य 6,770.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 50.70 हेक्टेयर (0.75%), रोह में लक्ष्य 6,422.10 हेक्टेयर व उपलब्धि 60.50 हेक्टेयर (0.94%), सिरदला में लक्ष्य 8,150.00 हेक्टेयर व उपलब्धि 14.50 हेक्टेयर (0.18%) तथा वारिसलीगंज प्रखंड में निर्धारित लक्ष्य 8,631.00 हेक्टेयर के विरुद्ध उपलब्धि 688.30 हेक्टेयर (7.97%) प्राप्त कर ली गयी है।
मौसम का मिल रहा साथ, रोपाई की गति पकड़ने की उम्मीद
अभी पिछले दिनों तक बारिश का अभाव रहने के कारण वर्तमान में जिले में धान आच्छादन का मौजूदा आंकड़ा काफी कम है, लेकिन हाल के दिनों में मौसम का मिजाज बदलने से किसानों के चेहरे पर राहत की मुस्कान लौटी है। पिछले कुछ दिनों में हुई रुक-रुक कर बारिश से खेतों की नमी बढ़ी है, जिससे अब धान की रोपाई की प्रक्रिया धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है।
कृषि वैज्ञानिकों एवं मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम के पूर्वानुमान पूरी तरह से अनुकूल बने हुए हैं। जिला कृषि पदाधिकारी अजीत प्रकाश ने बताया कि जिले में अगले एक सप्ताह के दौरान अच्छी बारिश की प्रबल संभावना के मद्देनजर धान रोपाई में तेजी की उम्मीद है। यदि मानसून का अनुकूल दौर जारी रहता है, तो शत-प्रतिशत किसान तेजी से खेतों की ओर रुख करेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में रोपाई का आंकड़ा भले ही कम दिख रहा हो, लेकिन मौसम का साथ मिलते रहने पर आने वाले दिनों में धान आच्छादन के प्रतिशत में तेजी से उछाल देखने को मिलेगा। किसान अब पूरे उत्साह के साथ खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द जिला रोपाई के अपने निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंच जाएगा।
भईया जी की रिपोर्ट